🔴21 दिन तक चिकन खाने पर रोक
राष्ट्रवाणी 25 मार्च। बिलासपुर के कोनी इलाके में स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की पुष्टि होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। बीते 19 से 24 मार्च के बीच करीब 4400 मुर्गियों की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए इलाके में सख्त निगरानी शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर दायरे को ‘संक्रमित क्षेत्र’ और 10 किलोमीटर तक ‘सर्विलांस जोन’ घोषित किया है। इस पूरे इलाके में मुर्गियों, अंडों और चारे की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
प्राथमिक जांच में दो मुर्गियों में वायरस की पुष्टि के बाद, सभी संक्रमित पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट (कूलिंग) कर दिया गया है।
अब पूरे पोल्ट्री फार्म को सील किया जाएगा और 6 महीने तक खाली रखा जाएगा, ताकि संक्रमण दोबारा न फैले।
मृत मुर्गियों के सैंपल भोपाल और पुणे की लैब में भेजे गए थे। भोपाल लैब ने बर्ड फ्लू की पुष्टि कर दी है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि 19 से 24 मार्च के बीच सरकारी पोल्ट्री फार्म में करीब 4400 मुर्गियों की मौत हुई है। सैंपल जांच में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। सभी जरूरी प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पोल्ट्री बिक्री केंद्रों को निगरानी में रखा है। अब हर दिन स्थिति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित पक्षियों को नष्ट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वे 21 दिनों तक चिकन का सेवन न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
सीएमएचओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म के कर्मचारियों और आसपास रहने वालों को आइसोलेशन में रखा गया है। संक्रमण रोकने में लगे स्टाफ को जरूरी दवाएं दी गईं है तथा किसी में लक्षण दिखने पर जांच और एंटीवायरल दवा की व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी तक किसी भी व्यक्ति में लक्षण नहीं देखा गया है। जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। फिलहाल इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, जिससे थोड़ी राहत है।
बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलती है। कुछ मामलों में यह अन्य जानवरों और इंसानों को भी प्रभावित कर सकती है, इसलिए समय रहते रोकथाम बेहद जरूरी होती है।
कलेक्टर-एसएसपी का दौरा, हालात का लिया जायजा
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मंगलवार देर रात कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कोनी क्षेत्र का संयुक्त दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य, पशुपालन और नगर निगम की टीमों को मौके पर जरूरी निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कंटेनमेंट जोन में आवाजाही पर सख्त नियंत्रण, सैंपलिंग, कुलिंग और संक्रमित पक्षियों के सुरक्षित निपटान को वैज्ञानिक तरीके से करने के निर्देश दिए। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने को कहा।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कंटेनमेंट क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा और अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अफवाहों पर नियंत्रण के साथ सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं, नगर निगम को सफाई, सैनिटाइजेशन और कचरा प्रबंधन दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

