दुर्ग। छत्तीसगढ़ के धमधा क्षेत्र के हिरेतरा गांव में नए मकान की नींव खुदाई के दौरान अचानक कच्चा मकान का दीवार गिरने दे दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मृतक पेन्ड्रावन के रहने वाले थे। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, खुदाई का काम चलते समय पास के पुराने कच्चे घर की दीवार में पहले हल्की दरारें दिखीं, लेकिन कुछ ही पलों बाद दीवार जोरदार आवाज के साथ नीचे गिर गई। गांव के लोग तुरंत मौके पर दौड़े, मगर तब तक मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो चुकी थी।

ग्रामीणों ने बताया कि मिट्टी इतनी भारी मात्रा में गिरी कि मजदूरों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एम्बुलेंस की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा लाया गया। कमल नारायण ठाकुर की हालत देखते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं ईश्वरी गायकवाड़ को गंभीर चोटों के चलते दुर्ग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों के सिर और सीने पर भारी मलबा गिरा था, जिससे उनकी जान बचाना मुश्किल था।
दोनों मजदूर रोज़ी-मज़दूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि जिस निर्माण स्थल पर खुदाई हो रही थी, उसके ठीक बगल में बना कच्चा मकान काफी जर्जर हालत में था। ग्रामीणों का कहना है कि दीवार बहुत पुरानी थी और खुदाई के दौरान गिरने का खतरा पहले से था। सुरक्षित दूरी रखी जानी चाहिए थी।
यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है। धमधा पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का मुआयना किया।
मर्ग कायम कर लिया गया है। दीवार गिरने के कारणों खुदाई की गहराई
और सुरक्षा उपायों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को सहायता राशि दी जाए और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू कराया जाए।

