राष्ट्रवाणी: मोजे रोजाना पहनने वाली ऐसी चीज हैं, जिन पर सबसे जल्दी गंदगी नजर आने लगती है. खासकर सफेद और हल्के रंग के मोजे कुछ ही इस्तेमाल के बाद एड़ियों और तलवों के पास से काले पड़ने लगते हैं. कई बार सामान्य डिटर्जेंट से धोने के बावजूद इनमें जमा मैल पूरी तरह साफ नहीं होता. वहीं बार-बार रगड़ने से मोजे के कपड़े के रेशे भी खराब होने लगते हैं. ऐसे में कई लोगों का सवाल होता है कि आखिर मौजों के साफ करने का सही तरीका क्या है?

तो आइए जानते हैं कुछ आसान घरेलू तरीकों की मदद से मोजों को साफ और फ्रेश बनाने वाले टिप्स के बारे में. इन टिप्स की मदद से आपके मोजे एकदम नए हो जाएंगें. मोजे धोने से पहले उन्हें रंग के आधार पर अलग करना जरूरी है. सफेद मोजों को रंगीन कपड़ों के साथ धोने से उन पर दूसरे कपड़ों का रंग चढ़ सकता है. इसी तरह बहुत गंदे मोजों को सीधे बाकी कपड़ों के साथ वॉशिंग मशीन में डालने के बजाय पहले थोड़ी देर भिगोना बेहतर रहता है. इससे कपड़े में जमा मैल ढीला पड़ने लगता है और धोते वक्त आसानी से निकल जाता है. जिद्दी गंदगी वाले मोजों के लिए हल्के गर्म पानी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है. एक बाल्टी या टब में गर्म पानी लें और उसमें थोड़ा डिटर्जेंट मिलाएं. मोजों को करीब 30 मिनट तक भिगोकर रखें. इसके बाद एड़ी और तलवे वाले हिस्से को हल्के हाथ से रगड़ें. बहुत ज्यादा गर्म पानी इस्तेमाल करने से कुछ कपड़ों के रेशे सिकुड़ सकते हैं या इलास्टिक खराब हो सकता है. इसलिए पानी इतना गर्म न हो कि कपड़े को नुकसान पहुंचाए. अगर मोजों पर मैल की परत बनी हुई है, तो बेकिंग सोडा मददगार हो सकता है. डिटर्जेंट के साथ थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा मिलाकर मोजों को कुछ देर भिगोएं. इसके बाद दाग वाली जगह को धीरे-धीरे रगड़ें और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. बेकिंग सोडा की मदद से मोजों में से आने वाली बदबू भी कम हो जाती है. हल्के रंग के मोजों की सफाई में नींबू का इस्तेमाल भी घरेलू तौर पर किया जाता है. नींबू कुछ दागों को हल्का करने में मदद करते हैं. इसके लिए पानी में नींबू का रस मिलाकर मोजों को थोड़ी देर भिगोना होता है और फिर सामान्य तरीके से धोना बेहतर होता है. ध्यान रहें हर कपड़े के लिए नींबू का इस्तेमाल करना सही नहीं होता है. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

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