वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को मिला सम्मान

दुर्ग, 15 जून 2026। दुर्ग पुलिस द्वारा सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख के सम्मान में नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों अधिकारियों की वीरता, नेतृत्व क्षमता और नक्सल विरोधी अभियानों में दिए गए उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया।

समारोह में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर एवं ग्रामीण), नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक एवं पुलिस परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान दोनों अधिकारियों के संघर्षपूर्ण अनुभवों और साहसिक कार्यों को साझा किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने प्रेरणादायक बताया।

शांति काल का तीसरा सर्वोच्च वीरता सम्मान

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि शौर्य चक्र देश का शांति काल में दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैन्य, अर्धसैनिक, पुलिस अधिकारियों एवं नागरिकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में असाधारण साहस और पराक्रम का परिचय दिया हो।

40 मुठभेड़ों में शामिल रहे निरीक्षक लक्ष्मण केवट

मनेन्द्रगढ़ निवासी निरीक्षक लक्ष्मण केवट ने वर्ष 2007 में पुलिस सेवा आरंभ की थी। वर्तमान में वे कांकेर जिले के पखांजूर थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 40 सफल मुठभेड़ों में भागीदारी निभाई तथा 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें शौर्य चक्र सहित छह पुलिस वीरता पदक, केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक और कई अन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

25 मुठभेड़ों में निभाई अहम भूमिका

दुर्ग जिले के झोला ग्राम निवासी निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख वर्तमान में कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में 25 सफल नक्सल मुठभेड़ों में सक्रिय भूमिका निभाई और 58 नक्सलियों के शव बरामद करने वाले अभियानों में योगदान दिया। उन्हें भी शौर्य चक्र, पुलिस वीरता पदक और केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया प्रेरणास्रोत

समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए गौरव का विषय है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों की उपलब्धियां केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ पुलिस और दुर्ग जिले के लिए गर्व का विषय हैं। उनके कार्य युवा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं तथा यह संदेश देते हैं कि राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण के साथ किया गया कार्य हमेशा सम्मानित होता है।

कार्यक्रम के अंत में दोनों अधिकारियों को स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया गया।

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