नयी दिल्ली. नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि 12 जून को हुए एअर इंडिया विमान हादसे की जांच में ”कोई हेराफेरी नहीं हो रही.” इस दुर्घटना में 260 लोग मारे गए थे. उनका यह बयान वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा इस हादसे की जांच को लेकर कुछ हलकों में व्यक्त की गई चिंताओं की पृष्ठभूमि में आया है.

नायडू ने कहा कि वास्तव में क्या हुआ था, यह जानने के लिए सभी को एएआईबी की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा.
मंत्री ने यहां एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम से इतर कहा, ”जांच में कोई हेराफेरी या कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है. यह एक बहुत ही साफ-सुथरी और गहन प्रक्रिया है, जिसे हम नियमों के अनुसार कर रहे हैं….”

डीजीसीए एयर इंडिया के विमान में बिना कमांड रैम एयर टर्बाइन चालू होने की जांच करेगा: नायडू

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि नियामक डीजीसीए पिछले हफ्ते एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर विमान में बिना कमांड रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) चालू होने के मूल कारण का पता लगाने के लिए गहन अध्ययन करेगा. यह घटना चार अक्टूबर को अमृतसर से र्बिमंघम जा रही उड़ान संख्या एआई117 का संचालन कर रहे विमान वीटी-एएनओ से संबंधित है. र्बिमंघम में उतरने से कुछ सेकंड पहले आरएटी चालू हुआ और विमान सुरक्षित रूप से उतर गया.

घटना के बारे में एक सवाल के जवाब में नायडू ने कहा कि जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) समस्या के मूल कारण का पता लगाने की कोशिश करता है. मंत्री ने कहा, ”मूल कारण को समझने के बाद हम हितधारकों, ओईएम (मूल उपकरण विनिर्माता) और अन्य संबंधित पक्षों से भी संपर्क करेंगे….” उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक किताब ‘अबव एंड बियॉन्ड – एक्सप्लोरिंग द अमेजिंग वर्ल्ड ऑफ एविएशन’ के विमोचन के अवसर पर यह बात कही. यह किताब सीआईएसएफ के डीआईजी और हैदराबाद स्थित एएसजी (विमानन सुरक्षा समूह) के मुख्य हवाई अड्डा सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार मोहनका ने लिखा है.

आमतौर पर, दोहरे इंजन में खराबी, बिजली, इलेक्ट्रॉनिक या हाइड्रोलिक खराबी आदि की स्थिति में आरएटी स्वचालित रूप से चालू हो जाता है. इस घटना ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी ब­ढ़ा दी हैं और भारतीय पायलट महासंघ (एफआईपी) ने डीजीसीए से देश के सभी बोइंग 787 विमानों की बिजली प्रणाली की गहन जांच करने का आग्रह किया है.

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