नयी दिल्ली: एयरबस इंडिया के प्रमुख जुर्गेन वेस्टरमियर ने सततता को बढ़ावा देने के लिए विमान कंपनियों के स्वैच्छिक टिकाऊ विमानन ईंधन कार्यक्रमों पर खर्च को सरकार के सीएसआर ढांचे के तहत लाने की वकालत की। कंपनी कानून के तहत, कुछ वर्ग की लाभदायक संस्थाओं को एक वित्त वर्ष में अपने वार्षिक लाभ का कम से कम दो प्रतिशत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों पर खर्च करना आवश्यक है।
भारत और दक्षिण एशिया के लिए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि विमान कंपनियों द्वारा शुरू किए गए स्वैच्छिक कॉर्पोरेट एसएएफ (टिकाऊ विमानन ईंधन) कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन शमन में प्रत्यक्ष, मापनीय निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह कॉर्पोरेट द्वारा स्वैच्छिक एसएएफ योगदान पर खर्च की गई धनराशि को उनके अनिवार्य सीएसआर दायित्वों के अंतर्गत वैध व्यय के रूप में मान्यता दे।’’
वेस्टरमियर ने कहा, ‘‘ इस तरह के समावेश से एसएएफ मांग का समर्थन करने के लिए तुरंत पर्याप्त, नई पूंजी का भंडार खुल जाएगा। इससे अनुपालन आवश्यकता हरित एवं संप्रभु ऊर्जा भविष्य के लिए एक शक्तिशाली इंजन में बदल जाएगी।’’ उन्होंने सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत सहित सभी हितधारकों के बीच अभूतपूर्व सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

