मनीला. मध्य फिलीपीन में कालमेगी तूफान के कारण 85 लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 75 लापता हैं. अधिकतर लोगों की मौत भीषण बा­ढ़ में फंसने और तेज बहाव में बह जाने के कारण हुई है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सेना ने बताया कि इनमें वे छह लोग भी शामिल हैं जो कालमेगी से प्रभावित प्रांतों को मानवीय सहायता पहुंचाने जा रहे फिलीपीन वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर के मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण मारे गये थे. यह हेलीकॉप्टर दक्षिणी अगूसन डेल सूर प्रांत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. हालांकि इसके कारणों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है.

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ‘कालमेगी’ बुधवार पूर्वाह्न पश्चिमी पलावन प्रांत से होकर गुजरने के बाद दक्षिण चीन सागर की ओर ब­ढ़ गया. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 130 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही.नागरिक सुरक्षा कार्यालय के उप प्रशासक और प्रांतीय अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मौतें मध्य प्रांत सेबू में हुई, जहां मंगलवार को कालमेगी के कारण अचानक बा­ढ़ आ गई और नदियां उफान पर पहुंच गईं.

अधिकारियों के अनुसार, बा­ढ़ के कारण आवासीय क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिसकी वजह से घबराए निवासियों को अपनी छतों पर च­ढ़ना पड़ा. फिलीपीन के रेड क्रॉस को बचाव के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए, लेकिन आपातकालीन कर्मचारियों के जोखिम को कम करने के लिए जलस्तर घटने तक इंतजार करना पड़ा.नागरिक सुरक्षा कार्यालय ने बुधवार को बताया कि सेबू में कम से कम 49 लोग मारे गए जिनमें से अधिकतर बा­ढ़ में डूब गए तथा कुछ अन्य भूस्खलन और मलबे के गिरने से मारे गए. छब्बीस लोगों में से 13 लापता बताए गए हैं.

अधिकारियों ने बताया कि सेबू के पड़ोंसी प्रांत नेग्रोस ऑक्सिडेंटल और नेग्रोस ओरिएंटल में 62 लोग लापता हैं.सेबू की गवर्नर ने पामेला बारिकुआट्रो ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि तूफान से बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन इस दौरान अचानक बा­ढ़ आ गई. सेबू में आपदा से निपटने के लिए आपातकालीन कोष के तेजी से वितरण को ध्यान में रखते हुए आपदा की स्थिति घोषित कर दी गई है. सेबू 24 लाख से अधिक आबादी वाला प्रांत है.

यह शहर अब भी 30 सितंबर को आए 6.9 तीव्रता के भूकंप से उबर रहा था, जिसमें कम से कम 79 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे. गवर्नर बारिकुआट्रो ने बताया कि भूकंप से विस्थापित उत्तरी सेबू के हजारों निवासियों को तूफान आने से पहले अस्थायी तंबुओं से निर्मित आश्रय स्थलों तक ले जाया गया था और भूकंप से तबाह हुए उत्तरी कस्बों में कालमेगी के कारण आई बा­ढ़ का असर कम हुआ.

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