दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी). गाजा के एकमात्र कैथोलिक चर्च पर बृहस्पतिवार सुबह हुए इजराइली हमले में दो लोग मारे गए, जबकि पादरी सहित कई अन्य व्यक्ति घायल हो गए. गिरजाघर अधिकारियों ने यह जानकारी दी. कैथोलिक चैरिटी संस्था कैरिटास यरुशलम ने बताया कि हमले में गिरजाघर के 60 वर्षीय एक कर्मी और 84 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई. इजराइली सेना ने कहा कि उसे घटना की जानकारी है और वह इसकी जांच कर रही है. दिवंगत पोप फ्रांसिस के करीबी पादरी फादर गेब्रियल रोमानेली भी हमले में घायल हो गए.
पादरी फादर गेब्रियल रोमानेली दिवंगत पोप फ्रांसिस के करीबी माने जाते हैं. दोनों अकसर गाजा में जारी युद्ध को लेकर बात किया करते थे. पोप फ्रांसिस का इस साल अप्रैल में निधन हो गया था. अधिकारियों ने बताया कि हमले में गिरजाघर क्षतिग्रस्त हो गया. प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि इजराइली टैंकों की गोलाबारी से यह हमला हुआ है. अल-अहली अस्पताल के कार्यवाहक निदेशक फदल नईम के अनुसार, गिरजाघर में ईसाई और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों को शरण दी गई थी, जिनमें कई विकलांग बच्चे भी शामिल थे.
इजराइली सेना ने इस हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की. इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गिरजाघर पर हमले के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, “इजराइल महीनों से नागरिकों पर जो हमले कर रहा है, वे अस्वीकार्य हैं. इस तरह की सैन्य कार्रवाई को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता.”

