राष्ट्रवाणी: Why Gas Smell Comes After Turning Off Stove: रसोई में खाना बनाने के बाद गैस का चूल्हा बंद कर दिया, फिर भी जलने या गैस जैसी गंध आ रही है तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. कई बार इसकी वजह सिर्फ चूल्हे पर बची हुई गंदगी या जले हुए खाने की महक हो सकती है, लेकिन गैस की गंध लगातार बनी रहे तो मामला लीकेज का भी हो सकता है. खासकर तब, जब गंध चूल्हे के अलावा रेगुलेटर, पाइप, सिलेंडर या उसके आसपास से आ रही हो. ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी बात यह है कि गंध को जांचने के लिए माचिस, लाइटर या किसी दूसरी आग का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. बिजली के स्विच को भी ऑन-ऑफ करने से बचें. खिड़की और दरवाजे खोलकर जगह को हवादार करें और अगर सुरक्षित तरीके से संभव हो तो गैस की सप्लाई बंद कर दें. तेज गंध हो तो रसोई से बाहर निकलकर एक्सपर्ट की मदद लेना बेहतर है. कई बार गैस बंद करने के बाद भी किसी एक नॉब के पूरी तरह ऑफ न होने की वजह से थोड़ी मात्रा में गैस बाहर निकलती रह सकती है. नॉब देखने में बंद लग सकता है, लेकिन वह हल्का सा खुला रह जाए तो गंध आने की वजह बन सकता है. खाना बनाने के बाद हर नॉब को ध्यान से चेक करें और सुनिश्चित करें कि वह पूरी तरह ऑफ पोजीशन में है. अगर कोई नॉब ढीला है, अटकता है या सामान्य तरीके से ऑफ नहीं होता तो उस बर्नर का इस्तेमाल न करें. ऐसी स्थिति में खुद से चूल्हा खोलने या अंदर की चीजों को ठीक करने की कोशिश करने के बजाय तकनीशियन को बुलाना सुरक्षित है. बर्नर और वाल्व के आसपास से आ रही गंध देखें अगर सभी नॉब बंद हैं, लेकिन किसी एक बर्नर के आसपास गैस की गंध ज्यादा महसूस हो रही है तो बर्नर के वाल्व में खराबी इसकी वजह हो सकती है. वाल्व गैस के फ्लो को नियंत्रित करता है और इसके खराब होने पर गैस बंद होने के बावजूद रिसाव हो सकता है. ऐसे में उस बर्नर को दोबारा जलाकर जांचने की गलती न करें. गैस की गंध लगातार बनी रहने पर विशेषज्ञ से जांच करवाएं. वाल्व गैस कंट्रोल सिस्टम का हिस्सा होता है, इसलिए इसकी मरम्मत खुद करने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है. चूल्हे से गैस की गंध हमेशा बर्नर से ही आए, यह जरूरी नहीं है. कभी-कभी चूल्हे के पीछे, नीचे, कैबिनेट के अंदर या सिलेंडर के पास मौजूद पाइप और कनेक्शन से भी गैस लीक हो सकती है. अगर हाल ही में चूल्हे को खिसकाया गया है, सिलेंडर बदला गया है या सफाई के लिए गैस स्टोव को हिलाया गया है तो कनेक्शन ढीला होने की संभावना हो सकती है. हालांकि, सिर्फ गंध के आधार पर खुद पाइप खोलना या कनेक्शन कसना सही नहीं है. गलत तरीके से कनेक्शन को कसने से समस्या बढ़ सकती है. गैस की पाइप भी समय के साथ खराब हो सकती है. ज्यादा गर्मी, दबाव, तेल और लगातार इस्तेमाल की वजह से पाइप में दरार, कट या दूसरी क्षति हो सकती है. कई बार नुकसान बाहर से आसानी से दिखाई नहीं देता, लेकिन कनेक्शन या पाइप के छोटे हिस्से से गैस निकल सकती है. अगर पाइप बहुत पुरानी, सख्त, फटी हुई या किसी जगह से उभरी हुई दिखाई दे तो चूल्हे का इस्तेमाल रोक दें. पाइप पर टेप या गोंद लगाकर अस्थायी मरम्मत करने की कोशिश न करें. खराब पाइप की जांच और जरूरत पड़ने पर उसे बदलवाने का काम योग्य गैस प्रोफेशनल से करवाना चाहिए. रेगुलेटर और सिलेंडर का कनेक्शन चेक करें अगर गैस की गंध चूल्हे की बजाय सिलेंडर या रेगुलेटर के आसपास ज्यादा महसूस हो रही है तो रेगुलेटर या सिलेंडर कनेक्शन में समस्या हो सकती है. खासकर सिलेंडर बदलने के बाद अचानक गंध आने लगे तो कनेक्शन की जांच जरूरी है. रेगुलेटर गैस सिलेंडर से चूल्हे तक पहुंचने वाली गैस के दबाव को नियंत्रित करता है. इसमें खराबी या कनेक्शन ठीक से न बैठने पर गैस लीक हो सकती है. ऐसी स्थिति में अगर सुरक्षित तरीके से संभव हो तो सिलेंडर की गैस सप्लाई बंद करें, रसोई को हवादार करें और एक्सपर्ट से जांच करवाएं. बार-बार रेगुलेटर को खुद कसने या निकालकर लगाने से बचें. गंध तेज हो तो खुद जांच करने की कोशिश न करें गैस की गंध हल्की हो या तेज, उसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. खासकर अगर गंध बार-बार लौट रही है या सभी नॉब बंद होने के बाद भी बनी रहती है. गैस बंद करने के बाद भी लगातार गंध आना सामान्य नहीं माना जाता. ऐसी स्थिति में माचिस या लाइटर जलाकर लीकेज ढूंढना बिल्कुल नहीं चाहिए. लाइट या बिजली के उपकरणों के स्विच को भी गंध वाली जगह पर ऑन-ऑफ न करें. अगर गंध तेज है तो तुरंत उस जगह से बाहर निकलें और एक्सपर्ट की मदद लें. जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं. ट्रैवल उनका इंटरेस्ट एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. 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