राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बिलासपुर: बिलासा ताल उद्यान आने वाले पर्यटकों को एक नई सुविधा मिल गई है। तालाब के ऊपर आरसीसी उड़नब्रिज निर्माण पूरा होने के साथ रंग-रोगन भी हो गया है। अब पर्यटक भी इसका उपयोग करने लगे हैं। पर्यटक झील के बीचोंबीच चलते हुए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिलासा ताल की खूबसूरती में और निखार आ गया है। पहले यहां हैंगिंग ब्रिज बनाने की योजना थी, जिस पर बदलाव करते आरसीसी उड़नब्रिज बनाने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इसके लिए बजट स्वीकृत होते ही काम प्रारंभ हुआ। मजबूती के लिए इसके पिलर सीमेंट का बनाया गया है। ऊपरी हिस्सा साल की लकड़ी से तैयार हुआ है। कोनी स्थित बिलासा ताल के चारों ओर हरियाली और बीच में बड़ा तालाब है। इसके अलावा खानपान के लिए गुमटियां और बच्चों के लिए झूले, फिसलपट्टी की सुविधाएं भी हैं। सैलानियों की बढ़ेगी संख्या, खानपान व झूलों का भी आनंद इसे प्राकृतिक स्वरूप देने के लिए शुरुआत में लकड़ी का ब्रिज बनाया गया था। लेकिन, मेंटेनेंस के अभाव में ब्रिज जर्जर हो गया है। जहां से पर्यटक पैदल चलते थे उसके किनारे-किनारे की लकड़ी की घेराबंदी उखड़ने लगी। लगातार पानी के अंदर होने और दीमक लगने के कारण निचला हिस्सा पूरी तरह कमजोर गया था। सुरक्षा के मद्देनजर बाद में वन विभाग ने इसे ढहा दिया। इसके बदले अब आरसीसी उड़नब्रिज का निर्माण किया गया है। रविवार को पर्यटकों के बीच यह ब्रिज आकर्षक का केंद्र रहा। वह यहां सेल्फी लेते नजर आए। इसके अलावा सैर के दौरान उनके कदम ठहरे रहे। यहां से बिलासा ताल का नजारा बेहद सुंदर नजर आ रहा है। 24 लाख की लागत से बना 185 फीट लंबा व 6.5 फीट चौड़ा ब्रिज 185 फीट लंबा और साढ़े छह फीट है चौड़ा ब्रिज की लंबाई 185 फीट है। वहीं इसकी चौड़ाई साढ़े छह फीट रखी गई। चौड़ाई इसलिए बढ़ाई गई है, ताकि इस ब्रिज से कम से कम आमने-सामने से दो- दो पर्यटक आसानी से गुजर सके। इस ब्रिज के निर्माण में 24 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। उड़नब्रिज को आकर्षक बनाने के लिए इसके सीमेंट-कंक्रीट के पिलरों पर आकर्षक पेंटिंग और रंगरोगन भी किया गया है। चित्रों के जरिए पिलरों को सजाया जाएगा, जिससे यह संरचना न केवल मजबूत बल्कि सौंदर्य की दृष्टि से भी खास नजर आ रही। इसके अलावा भी पर्यटकों को कुछ और नई सुविधाएं उपलब्ध कराने पर वन विभाग का जोर है। धीरे-धीरे यह कार्य भी पूरे होंगे। विभाग का मानना है कि सुविधाएं बढ़ेंगी तो पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
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