नयी दिल्ली. राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने से कुछ पल पहले विक्रांत मैसी के दिमाग में यही विचार चल रहा था कि पुरस्कार पाते समय राष्ट्रपति के साथ सिर्फ 20 सेकेंड कैसे होंगे. उनका ध्यान प्रोटोकॉल का पालन करने और अपने घर में लगाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ एक अच्छी तस्वीर खिंचवाने पर केंद्रित था.
मंगलवार को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मैसी को विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म “12वीं फेल” में उनके अभिनय के लिए सम्मानित किया गया, जिसने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी जीता. मैसी (38) के लिए यह एक अद्भुत क्षण था, जिसे वह अभी तक समझ नहीं पाए हैं.
अभिनेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “मुझे लगता है कि इन अद्भुत पलों की खुशी को समेटने में मुझे कुछ दिन लगेंगे… मैं बस अपने स्थान पर बैठकर जो कुछ हुआ है, उस पर विचार करूंगा. लेकिन यह एक शानदार एहसास है. सिर्फ मैं ही नहीं, मेरा परिवार और शुभचिंतक, सभी बहुत खुश हैं.” उन्होंने आगे कहा, “मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि मैं प्रोटोकॉल का पालन करूं क्योंकि आप देश के राष्ट्रपति के साथ खड़े होंगे. आपको 20 सेकंड से अधिक का समय नहीं मिलता. इसलिए मेरा ध्यान इन्हीं बातों पर था और मैं बस घर में लगाने के लिए एक अच्छी तस्वीर चाहता था.” मैसी को यह पुरस्कार सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ मिला. खान को उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म “जवान” के लिए पुरस्कृत किया गया.
शाहरुख के अलावा मैसी, रानी मुखर्जी (जिन्होंने “मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे” के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता) और मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल (वर्ष 2023 के लिए प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार पाने वाले) के साथ बातचीत करते देखे गए.
उन्होंने कहा, “शाहरुख खान जैसे व्यक्ति के साथ सम्मानित होना बहुत अच्छा लग रहा है… उन्होंने बहुत से लोगों को प्रेरित किया है. इसलिए उनके साथ, रानी मुखर्जी मैम, मोहनलाल सर और ऐसी अद्भुत प्रतिभाओं के साथ मंच साझा करना – क्षेत्रीय सिनेमा से लेकर देश के कोने-कोने से आए सभी लोगों के साथ – मेरे कहने का मतलब है कि जब आप ऐसे महान लोगों के साथ बैठते हैं तो अच्छा लगता है.”

