राष्ट्रवाणी: सरकार ने ₹23,731 करोड़ की गोबर-धन योजना लागू की है, जिसका उद्देश्य कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन को बढ़ावा देना है। …और पढ़ें गोबर-धन योजना लागू: CBG उत्पादकों को 100% खरीद गारंटी और 10 साल का मूल्य समर्थन ₹23,731 करोड़ की गोबर-धन योजना लागू हुई। CBG उत्पादकों को 100% खरीद गारंटी और पूंजीगत सहायता मिलेगी।

10 साल तक निश्चित मूल्य पर CBG की खरीद सुनिश्चित। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| सरकार ने ₹23,731 करोड़ की ‘गोबर-धन’ (GOBAR-DHAN) योजना लागू की है। इस योजना के तहत, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाने वालों को उनकी बिक्री योग्य गैस का 100 प्रतिशत तक निश्चित रूप से खरीदने की गारंटी, कम से कम 10 साल तक तय कीमत और कैपिटल सपोर्ट दिया जाएगा।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 15 सितंबर को जारी ऑपरेशनल गाइडलाइंस के अनुसार, यह स्कीम 2026-27 से 2035-36 फाइनेंशियल ईयर तक लागू रहेगी। इसका मकसद देश में CBG प्रोडक्शन को बढ़ावा देना, प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतर मार्केट बनाना और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रोत्साहित करना है।

GOBARdhan जिसका पूरा नाम ‘गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन’ है, एक सरकारी प्रोग्राम है। इसके तहत मवेशियों के गोबर, खेती से बचे कचरे, खाने की बर्बादी और दूसरे ऑर्गेनिक कचरे से बायोगैस, CBG (कंप्रेस्ड बायोगैस) और ऑर्गेनिक खाद बनाई जाती है। इस स्कीम के तहत बनी CBG को नेचुरल गैस के साथ मिलाकर ग्राहकों तक पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी।

मंत्रालय के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि योजना के तहत छह मुख्य चीजें सुनिश्चित की जाएंगी। इनमें सीबीजी की सुनिश्चित खरीद, मूल्य निर्धारण व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन ढांचा, ऋण गारंटी सहायता और सीबीजी पारिस्थतिकी चैलेंज फंड शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत पात्र सीबीजी उत्पादक बिक्री के लिए उपलब्ध अपनी गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं।

यह सुविधा तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर होगी। गैस की आपूर्ति को शहर गैस वितरण (सीजीडी) कंपनियों और संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीबीजी क्लस्टर के जरिये गैस का एकत्रीकरण कर उसे मुख्य पाइपलाइन में डालने की व्यवस्था भी की जाएगी।

सीजीडी कंपनियों को अपने सीएनजी परिवहन और घरेलू पीएनजी खंड की कुल गैस आपूर्ति में निर्धारित अनुपात में सीबीजी की खरीद और बिक्री करनी होगी। यह दायित्व वित्त वर्ष 2026-27 में तीन प्रतिशत, 2027-28 में चार प्रतिशत और 2028-29 से पांच प्रतिशत होगा। सरकार ने सीबीजी के लिए 2,110 रुपये प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) का प्रशासित मूल्य तय किया है।

95 प्रतिशत मीथेन सामग्री के आधार पर यह करीब 98 रुपये प्रति किलोग्राम के बराबर है। इसमें कर और कंप्रेशन शुल्क शामिल नहीं हैं। यह मूल्य कम से कम 31 मार्च 2036 तक लागू रहेगा।

हालांकि, सीबीजी उत्पादन की लागत, मुद्रास्फीति और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए इसमें भविष्य में बदलाव किया जा सकता है।

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