नयी दिल्ली/इटानगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से बचत को बढ़ावा मिलेगा और समाज के हर वर्ग को सीधे फायदा होगा. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 2047 तक विकसित भारत के सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना जरूरी है.
देशवासियों के नाम ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गए एक खुले पत्र में, उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से अगली पीढ़ी के जीएसटी (माल एवं सेवा कर) सुधार लागू होने के साथ पूरे देश में ”जीएसटी बचत उत्सव” की शुरुआत हो गई है. प्रधानमंत्री ने कहा, ”इस वर्ष त्योहारों पर हमें एक और उपहार मिल रहा है. इन सुधारों से बचत को बढ़ावा मिलेगा और समाज के हर वर्ग– किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी, लघु उद्योग, कुटीर उद्योग– को सीधे फायदा होगा. वे अधिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करेंगे तथा प्रत्येक राज्य और क्षेत्र की प्रगति में तेजी लाएंगे.” उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें मुख्य रूप से पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो श्रेणी (स्लैब) हैं.
मोदी ने पत्र में कहा, ”खाद्य पदार्थ, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं, बीमा तथा कई अन्य वस्तुएं अब या तो कर-मुक्त होंगी या सबसे कम पांच प्रतिशत कर स्लैब में होंगी. जिन वस्तुओं पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, वे लगभग पूरी तरह से पांच प्रतिशत कर के दायरे में लाई गई हैं. यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि विभिन्न दुकानदार और व्यापारी पहले के और अब के बोर्ड लगा रहे हैं, जो सुधारों से पहले और सुधारों के बाद के करों को दर्शाते हैं.” उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और देश में एक आकांक्षी नव मध्यम वर्ग तैयार हुआ है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमने आयकर में भारी कटौती कर हमारे मध्यम वर्ग को भी मजबूत किया है. अब बारह लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है. अगर हम आयकर में कटौती और अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को जोड़ दें तो इससे लोगों को लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी.” उन्होंने पत्र में लोगों से कहा, ”आपके घरेलू खर्च कम हो जाएंगे और मकान बनाना, गाड़ी खरीदना, उपकरण खरीदना, बाहर खाना खाना या परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जैसी आकांक्षाएं पूरी करना आसान हो जाएगा.” उन्होंने 2017 में शुरू हुई देश की जीएसटी यात्रा को नागरिकों और व्यवसायों को कई करों के जंजाल से मुक्त करने में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि जीएसटी ने देश को आर्थिक रूप से एकजुट किया है.
उन्होंने कहा, ”एक राष्ट्र एक कर, से एकरूपता और राहत मिली. जीएसटी परिषद ने केंद्र और राज्यों, दोनों की सक्रिय भागीदारी से कई जनहितैषी फैसले लिये. अब ये नये सुधार हमें और आगे ले जा रहे हैं, व्यवस्था को सरल बना रहे हैं, दरें कम कर रहे हैं और लोगों के हाथों में अधिक बचत पहुंचा रहे हैं.” मोदी ने कहा, ”हमारे छोटे उद्योगों, दुकानदारों, व्यापारियों, उद्यमियों और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) को भी व्यापार करने में सहूलियत होगी. कम कर, कम कीमतें और सरल नियमों का मतलब है अधिक बिक्री, कम अनुपालन बोझ और अवसरों में वृद्धि, खासकर एमएसएमई क्षेत्र में.” उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के सामूहिक लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि इसे हासिल करने के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना जरूरी है.
उन्होंने कहा कि ये सुधार हमारे स्थानीय विनिर्माण आधार को मजबूत करते हैं और आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, ”इस त्योहारी मौसम में, आइए हम भारत में निर्मित उत्पादों का समर्थन करने का संकल्प लें. इसका मतलब है स्वदेशी उत्पाद खरीदना, जिन्हें तैयार करने में किसी भारतीय श्रमिक और कारीगर की मेहनत लगी हो, चाहे उन्हें बनाने वाला ब्रांड या कंपनी कोई भी हो.” उन्होंने कहा, ”जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाये सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं.” उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों से भारत में निर्मित उत्पाद बेचने की अपील की.
उन्होंने कहा, ”आइए हम गर्व से कहें- हम जो खरीदते हैं वह स्वदेशी है. आइए हम गर्व से कहें- हम जो बेचते हैं वह स्वदेशी है.” मोदी ने कहा, ”मैं राज्य सरकारों से भी उद्योग, विनिर्माण को प्रोत्साहित करने और निवेश का माहौल बेहतर बनाने का आग्रह करता हूं.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”आपके घर की बचत बढ़े, आपके सपने पूरे हों, आप अपने पसंद की चीजों के साथ त्योहारों की चमक बढ़ाएं, मेरी यही कामना है. आपको नवरात्र के साथ ही ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुभकामनाएं.” ‘एक्स’ पर पत्र पोस्ट करते हुए मोदी ने कहा, ”आइए, ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के साथ त्योहारों के इस मौसम को नयी उमंग और नये जोश से भर दें! जीएसटी की नयी दरों का मतलब है– हर घर के लिए अधिक से अधिक बचत, साथ ही व्यापार और कारोबार के लिए बड़ी राहत.” इससे पहले, मोदी ने जीएसटी दरों में कटौती की समाचार पत्रों में व्यापक कवरेज को रेखांकित किया.
उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाले प्रमुख समाचार पत्रों के पहले पृष्ठ की तस्वीरें ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, ”बाजारों से लेकर घरों तक जीएसटी बचत उत्सव, त्योहारी माहौल लेकर आया है…और यह हर घर में खुशियां लाता है.” अरुणाचल प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान व्यापारियों के साथ बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट प्रतिबिंब है कि भारत ”जीएसटी बचत उत्सव” को लेकर इतना आशावादी क्यों है.
उन्होंने ईटानगर में एक जनसभा में कहा, ”आज, अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार पूरे देश में लागू हो गए हैं, और जीएसटी ‘बचत उत्सव’ शुरू हो गया है.” उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों से रसोई का बजट कम होगा और महिलाओं को मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री ने नवरात्र के पहले दिन (सोमवार) से नयी जीएसटी दरें लागू होने की पूर्व संध्या पर रविवार को राष्ट्र को संबोधित किया और इसे खरीदारों के लिए ”जीएसटी बचत उत्सव” बताया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी सुधारों पर अरुणाचल प्रदेश के उद्यमियों से की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में स्थानीय उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से सोमवार को मुलाकात की और उनसे बातचीत भी की. अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इंदिरा गांधी पार्क में अपने जनसभा स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी को देखा और वहां व्यापारियों से बातचीत की. मोदी ने व्यापारियों से पूछा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में हाल के सुधारों से उन्हें क्या फायदा हुआ है.
उन्होंने प्रर्दिशत स्थानीय उत्पादों के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली और सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया. एक अधिकारी ने कहा, ” यह बातचीत स्थानीय व्यापार समुदाय को प्रोत्साहित करेगी. साथ ही यह सीमावर्ती राज्य में जमीनी स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.” अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि पहले उन्हें कई तरह के करों से जूझना पड़ता था, लेकिन मोदी सरकार ने जीएसटी के जरिए ‘एक राष्ट्र, एक कर’ का सुधार किया.
उन्होंने यह भी बताया कि इससे निर्माण लागत कम होगी, जबकि सस्ते कच्चे माल से किफायती स्थानीय उत्पाद तैयार करने में मदद मिलेगी. होटल उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि जीएसटी में कटौती से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. कुछ अन्य उद्यमियों ने मत्स्य पालन और कृषि क्षेत्र को होने वाली लाभ का जिक्र किया. मोदी ने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह उनके ब्रांड एंबेसडर के रूप में स्थानीय उत्पादों का समर्थन करते रहे हैं. उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और बेचने का आ”ान किया, और कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा.

