लंदन. ब्रिटिश सेना के साथ काम करने वाले हज़ारों अफग़ानों को गुप्त रूप से ब्रिटेन में बसाया गया है. यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया जब उनकी पहचान संबंधी जानकारी लीक होने के बाद यह आशंका जताई गई कि तालिबान उन्हें निशाना बना सकता है. ब्रिटिश सरकार ने मंगलवार को इस पुनर्वास कार्यक्रम के बारे में खुलासा किया.

अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद ब्रिटेन आने के लिए आवेदन करने वाले लगभग 19,000 अफग़ानों की व्यक्तिगत जानकारी वाला एक डेटासेट 2022 में गलती से जारी कर दिया गया था और बाद में उसके अंश ऑनलाइन प्रकाशित कर दिए गए थे.

इसके बाद कंजर्वेटिव पार्टी नीत तत्कालीन सरकार ने अफग़ानों के पुनर्वास के लिए एक गुप्त कार्यक्रम शुरू किया. एक अदालत ने भी सरकार के अनुरोध पर इस संबंध में तथ्यों के खुलासे पर रोक लगा दी थी. मंगलवार को यह रोक हटा ली गई और ब्रिटेन की मौजूदा लेबर पार्टी सरकार ने कहा कि वह इस कार्यक्रम को सार्वजनिक कर रही है. सरकार ने कहा कि एक स्वतंत्र समीक्षा में इस बात के बहुत कम सबूत मिले हैं कि लीक हुए डेटा से अफग़ानों को तालिबान से प्रतिशोध का ज़्यादा ख.तरा होगा.

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