मुंबई. भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सोमवार को कहा कि उनकी टीम मिथक तोड़कर अगले महीने शुरू हो रहे एकदिवसीय महिला विश्व कप में आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ट्रॉफी का सूखा खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम अभी तक कोई विश्व खिताब नहीं जीत पाई है हालांकि कुछ अवसरों पर वह इसके करीब पहुंची थी. इसमें 2017 में इंग्लैंड में खेला गया वनडे विश्व कप भी शामिल है जिसमें भारत उपविजेता रहा था.
हरमनप्रीत ने वनडे विश्व कप ट्रॉफी के अनावरण समारोह में कहा, ”हम उस मिथक को तोड़ना चाहते हैं जिसका सभी भारतीय इंतजार कर रहे हैं. विश्व कप हमेशा खास होता है. मैं हमेशा अपने देश के लिए कुछ खास करना चाहती हूं. जब भी मैं युवी भैया (युवराज सिंह) को देखती हूं तो मुझे काफी प्रेरणा मिलती है.” इस अवसर पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह, पूर्व कप्तान मिताली राज और हरमनप्रीत की टीम की साथी स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स भी उपस्थित थे.
भारतीय टीम का हाल में प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है. उसने इंग्लैंड दौरे में टी20 और वनडे श्रृंखला जीती थी. वह 30 सितंबर से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले 14 सितंबर से खिताब की प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैच की घरेलू श्रृंखला खेलेगी और हरमनप्रीत ने कहा कि इससे उनकी टीम को खुद को परखने का मौका मिलेगा.
हरमनप्रीत ने कहा, ”ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है और हमें इससे अपनी स्थिति का पता चलता है. यह श्रृंखला (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे) हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ेगा. हम कड़ी मेहनत कर रहे हैं जिसके परिणाम सामने आ रहे हैं.” हरमनप्रीत ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 171 रन की जोरदार पारी खेल कर अपनी टीम को जीत दिलाई थी. उस पारी की यादें अब भी उनके जेहन में ताजा हैं.
उन्होंने कहा, ”वह पारी मेरे और महिला क्रिकेट के लिए वाकई बहुत खास थी. उस पारी के बाद मेरे लिए बहुत कुछ बदल गया. हम भले ही फाइनल में हार गए थे लेकिन जब हम वापस लौटे तो बहुत सारे लोग हमारा इंतज.ार कर रहे थे और हमारा उत्साह बढ़ा रहे थे. मैं उसे याद करके आज भी रोमांचित हो जाती हूं.” वनडे विश्व कप 2011 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे युवराज ने कहा कि खिलाड़ियों को यह विश्वास रखना होगा कि वे देश के लिए मैच जीत सकते हैं.
उन्होंने कहा, ”मैं कहूंगा कि परिस्थिति के अनुसार खेलें, अपेक्षा के अनुसार नहीं और वर्तमान में बने रहें.” युवराज ने कहा, ”यह इतिहास रचने का शानदार मौका है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप शुरू से ही चैंपियन बनने के बारे में सोचने लग जाओ. आपको इस पूरी प्रक्रिया को महसूस करना होगा कि हमने कड़ी मेहनत की है और परिणाम हमारे अनुकूल रहेंगे. आपको खुद पर भरोसा रखना होगा और यह विश्वास बनाए रखना होगा कि आप देश के लिए मैच जीत सकते हैं.” रोड्रिग्स और मंधाना दोनों ने कहा कि तैयारियों के मामले में टीम के रवैये में महत्वपूर्ण बदलाव आया है.
रोड्रिग्स ने कहा, ”मेरी तैयारी और मानसिकता में बहुत कुछ बदल गया है. अच्छी तैयारी से मेरा आत्मविश्वास बढ़ता है.” मंधाना ने कहा, ”हमारी पूरी टीम उस दिशा में बढ़ रही है जहां हमें पता है कि हमें मैदान के बाहर बहुत मेहनत करनी होगी और जब हम मैदान पर उतरते हैं, तो हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा.” मिताली ने कहा कि 2017 विश्व कप महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण मोड़ था.
उन्होंने कहा, ” विश्व कप 2017 ने वास्तव में न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर महिला क्रिकेट को बदल दिया, क्योंकि सोशल मीडिया अपेक्षाकृत नया था (और) आईसीसी ने बड़े पैमाने पर प्रचार करने में अपनी भूमिका निभाई थी.” आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि 30 सितंबर से शुरू होने वाला यह विश्व कप महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. गुप्ता ने कहा, ”यहां एक बड़ी तस्वीर है जो इस बात से जुड़ी है कि देश के लिए इसका क्या मतलब है. महिला क्रिकेट का विकास कई मायनों में देश की प्रगति का प्रतिबिंब है. पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट ने बहुत प्रगति की है और यह विश्व कप उसे नई ऊंचाई पर ले जाने का आधार बन सकता है.”

