रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर आज राजभवन में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हमने सच्चे राष्ट्रसेवक, संवेदनशील प्रशासक और एक महान व्यक्ति को खो दिया है.

पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर राजभवन में शोक सभा का आयोजन किया गया. राज्यपाल रमेन डेका ने स्वर्गीय दत्त के छायाचित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की. राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने मृतात्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया. राज्यपाल डेका ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत दुखद क्षण है. शेखर दत्त जी का जीवन अनेक आदर्शों से भरा रहा. वे केवल एक उच्चपदस्थ अधिकारी नहीं थे, बल्कि एक वीर सैनिक और एक संवेदनशील जनसेवक भी थे. उन्होंने भारतीय सेना में कमीशंड अधिकारी के रूप में सेवा दी थी और वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था. देश के लिए उनके इस वीरता और साहस पर हम सभी को गर्व है. उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि चाहे आप सैनिक हों, प्रशासक हों या नागरिक, देशसेवा का जज्बा और मानवीय संवेदनाएं ही किसी को महान बनाती हैं.

डेका ने कहा कि सेना से भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए शेखर दत्त जी ने अपने करियर में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया. रक्षा मंत्रालय में रक्षा सचिव के रूप में उन्होंने देश की सुरक्षा नीतियों को मजबूती दी. बाद में जब उन्हें छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया, तब उन्होंने इस राज्य की सांस्कृतिक और प्रशासनिक संरचना को मजबूती देने में उल्लेखनीय योगदान दिया. छत्तीसगढ़ में उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समाज की समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर गंभीरता से कार्य किया. वे सादगी, कर्मठता और समर्पण की प्रतिमूर्ति थे. उनका व्यवहार सभी से आत्मीयता से भरा होता था. राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना ने शेखर दत्त के जीवन परिचय एवं उनके कार्यो का स्मरण किया.

इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे.

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