होर्मुज जलडमरूमध्य पर टला बड़ा संकट! अमेरिका और ईरान नए हमले रोकने पर सहमत, दोहा में फिर होगी अहम बातचीत-होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, फिर से वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र को युद्ध के कगार पर ला दिया था। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि संघर्ष और बढ़ सकता था। लेकिन अब दोनों देशों ने नए हमले रोकने और जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जारी रखने पर सहमति जताई है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थोड़ी राहत मिली है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
होर्मुज में हमले के बाद बढ़ा तनाव, सैन्य कार्रवाई तक पहुंचा मामला-गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर ईरान की ओर से प्रोजेक्टाइल दागे जाने की खबर ने तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। लगातार बढ़ते हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी। इस तनाव ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को भी खतरे में डाल दिया।
कुवैत और बहरीन ने दी हमलों की जानकारी, राहत की भी खबर-ईरान के हमलों के बाद कुवैत ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। बहरीन ने कहा कि एक हमले में मुहर्रक प्रांत की एक इमारत को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा कि उनके ठिकानों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और कोई सैनिक घायल या मारा नहीं गया। इससे क्षेत्र में तनाव कम हुआ।
कतर में एक नागरिक की मौत, समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता-कतर से एक जहाज पर मौजूद एक नागरिक की छर्रे लगने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हुआ। यह घटना दिखाती है कि तनाव केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक और समुद्री व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं। होर्मुज से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल सप्लाई होती है, इसलिए यहां का तनाव वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है। शिपिंग कंपनियां और तेल कारोबारी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
दोहा में फिर होगी बातचीत, शांति समझौते को बचाने की कोशिश-तनाव के बाद अमेरिका और ईरान ने नए हमले रोकने पर सहमति जताई है। 17 जून को हुए 14 सूत्रीय समझौते के तहत मंगलवार को दोहा में तकनीकी बातचीत फिर शुरू होगी। बैठक का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत अन्य विवादित मुद्दों पर चर्चा जारी रखना है। इससे पहले स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता से बातचीत हुई थी, लेकिन संघर्ष फिर शुरू हो गया था। अब दोनों पक्ष इस समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
ट्रंप और ईरान की चेतावनी, आगे की राह अब बातचीत पर निर्भर-अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान शांति समझौते का पालन नहीं करता तो अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई करेगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने क्षेत्रीय देशों से अपील की है कि वे अपनी जमीन या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए न होने दें। दोनों देशों के बयान बताते हैं कि हालात अभी पूरी तरह शांत नहीं हैं। आने वाली दोहा की बातचीत बेहद अहम होगी। अगर वार्ता सफल रही तो क्षेत्र में शांति आएगी, नहीं तो तनाव फिर बढ़ सकता है।
