भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले से पहले भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म बड़ी समस्या बनकर उभरी है।
वरुण की मिस्ट्री हुई खत्म?
वरुण चक्रवर्ती को एक ‘मिस्ट्री गेंदबाज’ के रूप में लोकप्रियता मिली है। उनकी लेग स्पिन को समझ पाना बल्लेबाजों के लिए कड़ी परीक्षा से कम नहीं रहा है। अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी के दम पर आईपीएल और फिर पिछले दोसाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है। टी20 फॉर्मेट में आईसीसी रैंकिंग में वह पहले स्थान पर हैं। वरुण की वजह से कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जा रहा है, लेकिन टी20 विश्व कप में वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी का तोड़ संभवतः विपक्षी गेंदबाजों ने ढूंढ लिया है। वरुण ने टी20 विश्वकप 2026 टूर्नामेंट में अब तक आठ मैचों में 13 विकेट लिए हैं, लेकिन हाल के मैचों में उनकी गेंदबाजी का असर कम होता दिखा है।
छोटी टीमों के खिलाफ असरदार थे वरुण
ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती असरदार रहे थे और चार मैचों में नौ विकेट निकाले थे, लेकिन सुपर-8 में पहुंचते ही उनका करिश्मा जैसे समाप्त हो गया है। विपक्षी टीम के बल्लेबाज उनकी गेंदों को आसानी से पढ़ पा रहे हैं और बिना किसी परेशानी के उनपर बड़ी हिट लगा रहे हैं। सुपर-8 के तीन मैचों में मंहगे रहते हुए महज तीन विकेट लेने वाले वरुण के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल तो बेहद निराशाजनक और भूलने वाला रहा। सेमीफाइनल में दाएं हाथ के इस स्पिनर ने चार ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया। उनकी असरहीन गेंदबाजी की वजह से भारत का मैच फंस गया था। उसी मैच में जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 33 रन देकर टीम को संभाला। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में वरुण ने चार ओवर में 40 रन खर्च किए थे, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने चार ओवर में 35 रन दिए थे।
