राष्ट्रवाणी: भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू होने के करीब है, जिसके लिए यूरोपीय यूनियन काउंसिल …और पढ़ें भारत और ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने के करीब यूरोपीय यूनियन काउंसिल को FTA मंजूरी हेतु प्रस्ताव भेजा गया। 180 अरब यूरो व्यापार, 8 लाख नौकरियों को सीधा लाभ। भारतीय MSMEs, निर्यातकों को शुल्क में बड़ी बचत होगी। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत में यूरोपीय संघ के बीच लागू होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बड़ी सामने आई है। इस समझौते पर हस्ताक्षर और उसे अंतिम रूप देने की अनुमति के लिए काउंसिल ऑफ द यूरोपीय यूनियन को प्रस्ताव भेज दिया है। आयोग की प्रेस रिलीज के अनुसार, काउंसिल की मंजूरी मिलने पर यह दोनों पक्षों द्वारा अब तक किया गया सबसे बड़ा व्यापार समझौता होगा। भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अब अपने फाइनल राउंड पर है। काउंसिल की ओर से अप्रूवल मिलते ही ये समझौता लागू हो जाएगा। जिसके बाद बाजार पहुंच का विस्तार होगा, इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती होगी, गैर-टैरिफ बाधाएं कम होंगी साथ ही व्यापार और निवेश आसान होगा। वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हर साल 180 अरब यूरो से अधिक का गुड्स और सर्विस व्यापार होता है, जिससे यूरोपीय संघ में करीब 8 लाख लोगों को नौकरियां भी मिलती हैं। FTA लागू होने के बाद भारत को होने वाले यूरोपीय संघ के 96% सामानों के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी समाप्त या कम हो जाएगी। इससे यूरोपीय निर्यातकों को हर साल लगभग 4 अरब यूरो की शुल्क बचत होने का अनुमान है। साथ ही दोनों पक्षों के ग्राहकों को अधिक ऑप्शंस और प्रतिस्पर्धी कीमतों का लाभ मिलेगा। भारत और यूपोपीय संघ के बीच अगर समझौता लागू होता है तो इससे छोटे और मध्यम उद्यमियों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। भारत के टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कम्पोनेंट्स और आईटी सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में नए मौके मिलेंगे। अगर भारतीय प्रोडक्ट्स पर यूरोप में लगने वाली ड्यूटी घटती है तो वे वहां के बाजार में दूसरे देशों के प्रोडक्ट्स के मुकाबले ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो सकते हैं। इससे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।

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