🔴छत्तीसगढ़ में तकनीकी विकास और रोजगार को मिली नई रफ्तार
दुर्ग, 6 फरवरी 2026 । आईटी पार्क दुर्ग के लिए एमओयू हस्ताक्षर समारोह का सफल आयोजन 6 फरवरी 2026 को पीडब्ल्यूडी कार्यालय, दुर्ग में किया गया। यह कार्यक्रम दुर्ग नगर निगम एवं छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से आयोजित हुआ। यह समारोह दुर्ग में प्रस्तावित आईटी पार्क के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा, जिसका उद्देश्य राज्य के आईटी इकोसिस्टम को सशक्त बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ को प्रौद्योगिकी-आधारित एवं नवाचार-प्रेरित राज्य के रूप में विकसित करने की सरकार की दूरदृष्टि साझा की। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी पार्क दुर्ग क्षेत्र के लिए विकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जो आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण, व्यवसाय में सुगमता तथा उद्योग-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
समारोह में कई अन्य विशिष्ट अतिथियों की भी उपस्थिति रही, जिनमें भारत सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री गजेंद्र यादव शामिल थे। इसके अतिरिक्त राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख नेता एवं स्टार्टअप संस्थापक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिससे इस पहल के प्रति व्यापक समर्थन परिलक्षित हुआ।
इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, आईटी सेवाओं, डिजिटल समाधान एवं संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी कुल 28 कंपनियों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। ये एमओयू आईटी पार्क दुर्ग के विकास एवं भविष्य के संचालन में सहयोग की दिशा में कंपनियों की मंशा को औपचारिक रूप प्रदान करते हैं, जिससे नवाचार, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. राजीव प्रकाश ने उद्योग–अकादमिक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क दुर्ग को केवल एक भौतिक अवसंरचना परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता का एक गतिशील केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योग विशेषज्ञता का संगम होगा।
प्रो. प्रकाश ने आगे बताया कि इस प्रकार के सहयोग से उद्योगों को अकादमिक अनुसंधान का लाभ मिलेगा, कुशल मानव संसाधन तक पहुँच संभव होगी तथा संयुक्त समस्या-समाधान को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं छात्रों और शोधकर्ताओं को वास्तविक उद्योग-आधारित चुनौतियों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने, नवाचार-आधारित विकास को गति देने और दुर्ग को मध्य भारत के एक उभरते आईटी एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल में शामिल सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की तथा आईटी पार्क परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। समारोह का समापन छत्तीसगढ़ के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने एवं समावेशी, ज्ञान-आधारित आर्थिक विकास को गति देने के साझा संकल्प के साथ हुआ।
कार्यक्रम का समापन सभी गणमान्य अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

