राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, बलरामपुर: जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में ग्राम पंचायत भेलवाडीह में पदस्थ पंचायत सचिव विष्णुपद मण्डल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले आडियो वायरल हुआ था। इसमें पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन जन्म प्रमाण-पत्र बनाए जाने के बदले 200 रुपए की मांग की जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत स्तर पर दो सदस्यीय जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि पंचायत सचिव का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम का उल्लंघन करते हुए कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके बाद सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पंचायत सचिव ने अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन सक्षम प्राधिकारी ने जवाब को असंतोषजनक पाया। जिला पंचायत सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम के तहत विष्णुपद मण्डल पंचायत सचिव ग्राम पंचायत भेलवाडीह अतिरिक्त प्रभार बरदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बलरामपुर रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी, शासकीय राशि के गबन का मामला अंबिकापुर: न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एद्वारा ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं शासकीय राशि जमा नहीं करने के प्रकरण में दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत लब्जी के तत्कालीन सरपंच जोगेन्द्र लाल भगत द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त आठ लाख 29 हजार रुपये की राशि का अनाधिकृत रूप से आहरण कर लिया गया, जबकि निर्माण कार्य नहीं कराया गया। न्यायालय के अनुसार उक्त राशि को स्वयं रखकर शासकीय राशि का दुरुपयोग एवं गबन किया गया। प्रकरण विचाराधीन होने तथा कई अवसर दिए जाने के बावजूद संबंधित द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की गई। इस पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए संबंधित को गिरफ्तार कर 24 जुलाई को न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा न्यायालय के अगले आदेश तक अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत थोर के तत्कालीन सरपंच परमोहन सिंह के विरुद्ध भी निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त 90 हजार 296 रुपये की राशि के दुरुपयोग एवं गबन के मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित द्वारा शासकीय राशि का समायोजन अथवा वापसी नहीं की गई, जिसके कारण प्रकरण न्यायालय में लंबित है। न्यायालय ने संबंधित को गिरफ्तार कर 24 जुलाई को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने दोनों मामलों में स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं गबन से जुड़े प्रकरणों में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा संबंधित थाना प्रभारियों को गिरफ्तारी वारंट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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