नयी दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी हत्याकांड में वांछित हुसैन मोहम्मद शत्ताफ उर्फ हुसैन महबूब खोखावाला के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त कैप्टन विर्दी की जून 2006 में महाराष्ट्र के लोनावला स्थित उनके बंगले में हत्या कर दी गई थी. विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यूएई स्थित भारतीय दूतावास को पिछले हफ्ते शत्ताफ के प्रत्यर्पण से जुड़ा अनुरोध भेजाा गया. माना जाता है कि शत्ताफ जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यूएई में अवैध रूप से रह रहा है.
अधिकारी ने बताया, “भारत सरकार ने यूएई से भगोड़े शत्ताफ के प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं.” उन्होंने कहा कि भारत वांछित अपराधियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है. शत्ताफ के खिलाफ हत्या के साथ-साथ जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और गलत जानकारी के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के अलग-अलग मामले भी दर्ज हैं. कैप्टन विर्दी की हत्या के बाद शत्ताफ देश छोड़कर भाग गया और यूएई में रहने की सुविधा हासिल करने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र पेश किया. 2019 में जारी शत्ताफ के भारतीय पासपोर्ट की अवधि 2021 में समाप्त हो गई थी.

