
बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा डॉ. बी आर आंबेडकर और उनके द्वारा बनाये गये संविधान का अपमान किया है. बिलासपुर के झंडुता विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित बाबासाहब भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आंबेडकर की विरासत को कमजोर करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है.
उन्होंने कहा, ”आजादी के बाद से कांग्रेस ने बाबासाहब और संविधान दोनों का अपमान किया है. यहां तक कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके पार्थिव शरीर का दिल्ली में अंतिम संस्कार नहीं करने दिया गया. कांग्रेस ने बाबासाहब की मेधा को न तो उनके जीवनकाल में और न ही उसके बाद कभी स्वीकार किया.” उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने उन्हें संसद से बाहर रखने की साजिश रची थी.
ठाकुर ने दावा किया,”एक बार तो उनकी हार सुनिश्चित करने के लिए 75,000 वोट को अवैध घोषित कर दिया गया – यह देश में मतदान केंद्र को लूटने की पहली घटना थी, जिसे सरकार ने अंजाम दिया था.” ठाकुर के अनुसार, बाद में आंबेडकर को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया और नेहरू ने कथित तौर पर एडविना माउंटबेटन को बताया कि आंबेडकर के इस्तीफे का कोई असर नहीं होगा.
भाजपा नेता ने कहा, ” उनकी मृत्यु के बाद कांग्रेस ने स्मारक बनाकर या भारत रत्न प्रदान कर उन्हें सम्मानित करने का कोई प्रयास नहीं किया. 1990 में ही भाजपा के सहयोगी दलों द्वारा सर्मिथत सरकार के तहत उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस ने संविधान को एक निजी दस्तावेज की तरह माना, जिसमें आपातकाल के दौर में संशोधन करके प्रभावी रूप से ‘इंदिरा का संविधान’ बनाया गया.” उन्होंने कहा, ” ‘भारत इंदिरा है और इंदिरा भारत है’ जैसे नारे लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विश्वासघात थे.”

