🔴सरकार को है किसानों के हितों की चिंता : कृषि मंत्री रामविचार नेताम
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 08 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की जमाखोरी या अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि सीधे जेल भेजा जाएगा।
मंत्री ने रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते संभावित कमी को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं होगी और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
🌱 जैविक खेती पर जोर, वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा
सरकार किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पिछले साल डीएपी की आपूर्ति में आई दिक्कतों को देखते हुए इस बार एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
🚜 खरीफ 2026 की तैयारी तेज
खरीफ सीजन को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करें, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
📢 “विकसित भारत संकल्प अभियान” 5 से 20 मई तक
5 मई से 20 मई तक पूरे प्रदेश में विकसित भारत संकल्प अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक और विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करेंगी और उन्हें आधुनिक खेती, वैकल्पिक उर्वरकों और नई तकनीकों की जानकारी देंगी।
🌾 फसल परिवर्तन और आय बढ़ाने पर फोकस
सरकार का जोर खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने पर है। दलहन, तिलहन और मक्का जैसी फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों की आय बढ़े और लागत घटे। धमतरी जिले में दलहन-तिलहन के बढ़ते रकबे की सराहना की गई।
📊 फार्मर आईडी और योजनाओं का लाभ
मंत्री ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन पूरा किया जाए, ताकि कोई भी किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित न रहे।
🌊 मखाना, सिंघाड़ा और मत्स्य पालन को बढ़ावा
जलाशयों में मखाना और सिंघाड़ा की खेती के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मछली पालन को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है।

