राष्ट्रवाणी, 09 जून 2026। कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और वनों के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब एक अनोखी वजह से सुर्खियों में है। यहां जापान की दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्म मियाजाकी (Miyazaki Mango) की सफल खेती की जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
जापान से बस्तर तक का सफर
मियाजाकी आम मूल रूप से जापान के मियाजाकी प्रांत का फल है। इसे “एग ऑफ द सन” यानी “सूरज का अंडा” भी कहा जाता है। इसका रंग गहरा लाल-बैंगनी होता है और स्वाद बेहद मीठा व रसीला माना जाता है। दुनिया के सबसे महंगे फलों में इसकी गिनती होती है।
कीमत सुनकर लोग रह जाते हैं हैरान
आमतौर पर बाजार में आम 50 से 200 रुपये किलो तक बिकते हैं, लेकिन मियाजाकी आम की कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रीमियम गुणवत्ता वाले फलों की नीलामी 3 लाख रुपये प्रति किलो तक होने की जानकारी है।
बस्तर के किसानों के लिए नई उम्मीद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दुर्लभ किस्म की खेती सफल रहती है तो बस्तर के किसानों के लिए यह आय का नया स्रोत बन सकती है। पारंपरिक फसलों के साथ उच्च मूल्य वाली बागवानी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती है।
सुरक्षा भी बनी चुनौती
देश के अन्य हिस्सों में इस आम की खेती करने वाले किसानों को इसके फलों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखनी पड़ रही है। इसकी ऊंची कीमत के कारण चोरी का खतरा भी बना रहता है।
बदल रही है बस्तर की पहचान
एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में चर्चित रहा बस्तर अब कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नए प्रयोगों के कारण चर्चा में है। 3 लाख रुपये किलो तक कीमत वाले मियाजाकी आम की खेती ने बस्तर को देशभर में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।

