नयी दिल्ली. अभिनेत्री काजोल का कहना है कि वह डरावनी फिल्मों की प्रशंसक नहीं हैं और वह केवल व्यावसायिक कारणों से इस शैली में अपनी पहली फिल्म “मां” देखेंगी. विशाल फुरिया निर्देशित “मां” काजोल के 30 साल से अधिक के करियर की पहली ‘हॉरर’ फिल्म है. यह फिल्म 2023 की फिल्म “शैतान” से मिलती-जुलती है, जिसमें उनके पति और अभिनेता अजय देवगन भी थे. अभिनेत्री (50) ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैं डरावनी फिल्में नहीं देखती. मैंने कई बड़ी फिल्में देखी हैं. मैं डरावनी फिल्मों की बिल्कुल भी शौकीन नहीं हूं.
उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक ‘मां’ नहीं देखी है. केवल कुछ हिस्सों में मेरे पीछे बहुत सारी हरी स्क्रीन लगी हुई हैं ताकि मैं डर न जाऊं और कोई पृष्ठभूमि संगीत या ऐसा कुछ भी नहीं है. (लेकिन) पेशेवर कारणों से मुझे वास्तव में यह फिल्म देखनी है.” एक अभिनेत्री के रूप में, काजोल ने शुरू में यह मान लिया था कि डरावनी फिल्म में काम करना किसी भी अन्य शैली से अलग नहीं होगा.
उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही दिलचस्प अनुभव था, वास्तव में, ऐसा कुछ नहीं था जो मैंने पहले किया था. मैंने यह मान लिया था कि डरावनी फिल्मों में काम करना किसी भी अन्य फिल्म में काम करने जैसा ही है और मैं पूरी तरह से गलत थी. उन्होंने कहा कि अभिनय के लिहाज से डरावनी फिल्में आम फिल्मों से पूरी तरह अलग होती हैं. काजोल ने कहा, ”… यह कोई रोमांटिक कॉमेडी नहीं है, यह कोई प्रेम कहानी नहीं है या कोई ड्रामा नहीं है. विशाल और मैं अक्सर लंबी बातचीत करते थे, जिसमें हम कहते थे कि इसे हमें इसी अंदाज में करना होगा. और यह वास्तव में भावनात्मक रूप से थका देने वाला था.”

