विशाखापत्तनम. भारतीय उप कप्तान स्मृति मंधाना रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला विश्व कप ग्रुप मैच के दौरान महिला वनडे में एक कैलेंडर वर्ष में 1,000 रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं. उनतीस साल की इस सलामी बल्लेबाज ने महिला वनडे में 5,000 रन भी पूरे किए और मिताली राज के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली केवल पांचवीं और दूसरी भारतीय बल्लेबाज बन गईं.

वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं और उन्होंने सबसे कम पारियों में 1,000 रन बनाए. मंधाना ने 112 पारियों और 5,569 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की जिससे उन्होंने स्टेफनी टेलर की 129 पारियों और सूजी बेट्स की 6,182 गेंदों की संख्या को पीछे छोड़ दिया.

मंधाना ने हालांकि टूर्नामेंट में धीमी शुरुआत की लेकिन इस बाएं हाथ की बल्लेबाज ने शानदार वापसी करते हुए 66 गेंद में 80 रन (नौ चौके और तीन छक्के) बनाकर फॉर्म में वापसी की और प्रतिका रावल के साथ 155 रन की साझेदारी की जो इस प्रतियोगिता में सलामी बल्लेबाजों के बीच पहली शतकीय साझेदारी भी थी.

इस मैच से पहले मंधाना के 17 मैच में 982 रन थे. उन्होंने आठवें ओवर में 1,000 रन का आंकड़ा छुआ जिसमें उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ की स्पिनर सोफी मोलिनू की धज्जियां उड़ाते हुए इस ओवर में चौका, छक्का और चौका जड़ा जिससे 16 रन बने. मंधाना ने इस तरह महिला वनडे में ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क (1997 में 970 रन) का एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.

उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत सकारात्मक तरीके से की और किम गार्थ के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला. लेकिन मोलिनू के ओवर में मंधाना ने पहली गेंद को मिड-ऑन के ऊपर से चौका जड़ा, अगली गेंद को डिफेंड किया, फिर तीसरी गेंद पर लांग-ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा और फिर स्क्वायर लेग के ऊपर से एक और चौका लगाकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. मंधना ने टूर्नामेंट में इससे पहले श्रीलंका, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्रमश? 8, 23 और 23 रन बनाए थे.



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