इंफाल/चूड़ाचांदपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल के ऐतिहासिक कांगला किला परिसर में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों के एक वर्ग से बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि मोदी ने आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) की ंिचताएं सुनीं और उन्हें राज्य में शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल करने में केंद्र सरकार से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले प्रधानमंत्री ने चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, ह्लकुछ समय पहले, मैंने एक राहत शिविर में ंिहसा प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उनसे मिलने के बाद, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मणिपुर में आशा और विश्वास की एक नयी सुबह उभर रही है।

मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण 60,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से लगभग 40,000 कुकी-जो समुदाय से और करीब 20,000 मेइती समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। हालांकि, कई विस्थापित लोग राज्य से बाहर चले गए हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर राहत शिविरों में खराब स्थितियों में रह रहे हैं। उनके पास न तो कोई निजता है और न ही आय का कोई स्रोत।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाने समेत अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिये राज्य में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version