राष्ट्रवाणी: रायपुर। 1964 में अपनी शुरुआत के बाद अखबार और होर्डिंग से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रील्स और सेकंड्स में बदल जाने वाले डिजिटल ट्रेंड्स तक का सफर माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस ने बखूबी तय किया है। मध्य भारत की अग्रणी और आईएनएस मीडिया एजेंसी ‘माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस’ ने हर दौर को बेहद करीब से देखा और समझा है। अब, समय की इसी तेज रफ़्तार से कदमताल करने के लिए, यह प्रतिष्ठित एजेंसी अपने मॉडर्न अवतार ‘मैप्स’ (maps:) के साथ खुद को रीब्रांड कर रही है। इस बदलाव की ज़रूरत के बारे में बात करते हुए माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस के डायरेक्टर्स प्रकाश माहेश्वरी और पंकज माहेश्वरी ने बताया कि नए दौर में आधुनिक सोच के साथ बिज़नेस संचालन करने वाली आज की युवा पीढ़ी और कंटेम्पररी ऑडियंस घंटों की बात सेकंड्स में समझना चाहते हैं। वो ऐसे शब्द पसंद करते हैं जो बोलने में आसान हों और जिनका इम्पैक्ट सीधा हो। ‘मैप्स’ (अंग्रेजी के शब्द मैप का बहुवचन) का सीधा सा मतलब है नक्शे या रास्ते। जिस तरह एक नक्शा किसी को अनजान रास्तों पर उसकी सटीक मंज़िल तक ले जाता है, ठीक उसी तरह ‘मैप्स’ की फिलॉसफी ब्रांड्स के लिए वो रास्ते तैयार करना है, जो मार्केट की भीड़ से निकलकर सीधे ग्राहकों के दिलों-दिमाग तक पहुंचते हों। मैप्स के लोगो में लगा ‘कोलन’ (:) केवल एक डिज़ाइन नहीं है। व्याकरण जुबान में कोलन का मतलब होता है, ‘पिक्चर अभी बाकी है’, यानी आगे कुछ आने वाला है। ‘मैप्स’ के साथ लगा यह कोलन दरअसल एजेंसी की विस्तृत सेवाओं को दर्शाता है। ‘maps:’ में ‘आउट ऑफ़ द बॉक्स आईडियाज़’ के साथ ब्रांड कंसल्टेंसी, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, कंटेंट डेवलपमेंट और डिजिटल मार्केटिंग जैसी वो तमाम सेवाएं मौजूद हैं, जो आज के मार्केट की ज़रुरत के हिसाब से ‘maps:’ को 360 डिग्री एडवरटाइजिंग एजेंसी बनाती हैं। यह केवल पुराना लोगो हटाकर नया रखने की औपचारिकता नहीं है, बल्कि दूर की सोच के साथ की गई एक स्ट्रेटेजिक रीब्रांडिंग है। यह रीब्रांडिंग बदलते मार्केट ट्रेंड्स, नई पीढ़ी की पसंद और टेक्नोलॉजी के इस दौर में ब्रांड्स को समय की मांग के हिसाब से रिलिवेंट बनाए रखने की एक पुख्ता तैयारी है। ‘maps:’ क्लाइंट्स और उनके टारगेट ऑडियंस के बीच महज़ एक माध्यम नहीं होगा, बल्कि एक बेहद प्रभावशाली गेटवे का काम करेगा। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर विज्ञापनों में माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस का दशकों का दबदबा कायम है, लेकिन अब समय की मांग के चलते डिजिटल मीडिया को भी शामिल किया जा रहा है क्यों कि मैप्स का लक्ष्य अब सिर्फ शहर के बड़े बिलबोर्ड्स, अखबार, मैगज़ीन और रेडियो जैसे ट्रेडिशनल मीडिया तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि ब्रांड्स को सीधे उनके टारगेट ऑडियंस के स्मार्टफोन्स तक भी पहुंचाना है, ताकि कम्युनिकेशन तुरंत और सीधा हो। पब्लिक रिलेशन्स, एडवरटाइजिंग, मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिहाज़ से हर क्लाइंट की अपनी ख़ास ज़रूरतें होती हैं और तेज़ी से बदलते मार्केट ट्रेंड्स इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना देते हैं, इसलिए ब्रांड्स की ज़रुरत के हिसाब से रिसर्च आधारित कैंपेन की स्ट्रैटेगी प्लान होगी जिससे सही कस्टमर्स तक सही मैसेज पहुंचे। संक्षेप में कहें तो, माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस अपने 6 दशकों के भरोसे यानि रिलायबिलिटी को आज के दौर की प्रासंगिकता यानि रिलिवेंस के साथ जोड़कर अपना ‘ब्रांड रिफ्रेश बटन’ दबा रही है। यह रीइमेजिंड और रीडिफाइंड नया अवतार, maps: एक ऐसा बदलाव, जो यकीनन बेहतरी के लिए है यानि ‘चेंज फॉर बेटर’। माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस 1960 के दशक से ही मध्य भारत में एडवरटाइजिंग और ब्रांडिंग के क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है। यह मीडिया एजेंसी छत्तीसगढ़ की पहली आईएनएस एजेंसी है, जिसने समय की कसौटी पर खुद तो खरा साबित करते हुए दशकों से अपने क्लाइंट्स के भरोसे को बरकरार रखा है। अपनी क्रिएटिविटी और इनोवेशन से यह एजेंसी हर एडवरटाइजिंग और कम्युनिकेशन मीडियम के साथ अपने क्लाइंट्स की परफेक्ट ब्रांड बिल्डिंग और ब्रांड प्रमोशन के लिए काम करती रही है।
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