Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

रोहित ने कहा टी20 विश्व कप में अर्शदीप और हार्दिक होंगे सफलता की कुंजी

January 28, 2026

आईसीसी टी20: सूर्यकुमार सातवें स्थान पर, अभिषेक शीर्ष पर कायम; ईशान, दुबे और रिंकू ने लगाई लंबी छलांग

January 28, 2026

फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने देश में टिकट खिड़की पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की

January 28, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Country»मेरा साक्षात्कार 21 मार्च 1977 को हुआ था, जिस दिन आपातकाल हटाया गया था : जयशंकर
Country

मेरा साक्षात्कार 21 मार्च 1977 को हुआ था, जिस दिन आपातकाल हटाया गया था : जयशंकर

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniJuly 20, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
मेरा साक्षात्कार 21 मार्च 1977 को हुआ था, जिस दिन आपातकाल हटाया गया था : जयशंकर
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को सिविल सेवा में अपने प्रवेश को याद करते हुए कहा कि दिल्ली में उनका यूपीएससी साक्षात्कार 21 मार्च, 1977 को हुआ था – जिस दिन आपातकाल हटाया गया था. जयशंकर ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, “(1977) चुनाव के नतीजे एक दिन पहले से आ रहे थे…आपातकालीन शासन की हार का एहसास साफ दिख रहा था. एक तरह से, इसी चीज ने मुझे साक्षात्कार में सफलता दिलाई.” पुरानी यादों को ताजा करते हुए, उस समय 22 साल के रहे जयशंकर ने कहा कि वे साक्षात्कार से दो महत्वपूर्ण बातें लेकर लौटे – दबाव में संचार का महत्व और यह कि महत्वपूर्ण लोग “एक दायरे से बाहर” नहीं देख रहे थे.

सिविल सेवा में प्रवेश पाने वाले नए बैच के लोगों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने यूपीएससी परीक्षा को अग्नि परीक्षा के समान बताया और कहा कि सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए यह दुनिया की एक “बहुत ही अनोखी” परीक्षा प्रणाली है.
जयशंकर ने कहा कि असली चुनौती साक्षात्कार है और उन्होंने 48 साल पहले हुए अपने यूपीएससी साक्षात्कार का उदाहरण दिया.
अब 70 साल के हो चुके जयशंकर याद करते हैं, “मेरा साक्षात्कार 21 मार्च, 1977 को था. उसी दिन आपातकाल हटा लिया गया था. तो, मैं शाहजहां रोड पर साक्षात्कार के लिए गया… उस सुबह सबसे पहले पहुंचने वाला मैं था.” लगभग एक महीने पहले, मोदी सरकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की 50 वीं बरसी मनाई थी, जिसके तहत देश भर में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, ताकि उस घटना को याद किया जा सके जिसे उसके नेताओं ने भारतीय लोकतंत्र का “काला अध्याय” करार दिया था.

देश में 21 महीने का आपातकाल 25 जून 1975 को लगाया गया था और 21 मार्च 1977 को हटा लिया गया था. विपक्षी नेताओं का गठबंधन जनता पार्टी, 1977 के चुनावों में विजयी हुई तथा इंदिरा गांधी को पराजित किया और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने.
जयशंकर ने कहा कि साक्षात्कार में उनसे पूछा गया था कि 1977 के चुनावों में क्या हुआ था.

एक छात्र के रूप में जेएनयू से अपने जुड़ाव और राजनीति विज्ञान विषय का हवाला देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “मैं भाग्यशाली था”.
जयशंकर ने कहा, “हमने 1977 के चुनाव अभियान में हिस्सा लिया था. हम सभी वहां गए थे और आपातकाल के खिलाफ काम किया था.” उन्होंने कहा, तो जवाब देते वक्त, “मैं भूल गया था कि मैं साक्षात्कार में हूं”, और उस समय, “किसी तरह मेरा संवाद कौशल काम करने लगा.” एक अनुभवी राजनयिक और इससे पहले विदेश सचिव के तौर पर व्यापक रूप से सेवा दे चुके जयशंकर ने कहा था कि उन लोगों को, जो “सरकार से काफी जुड़े हुए हैं, सहानुभूति रखते हैं, उन्हें आहत किए बिना यह समझाना कि क्या हुआ था, वास्तव में एक बड़ी चुनौती थी.” और दूसरी बात जो उन्होंने उस दिन सीखी, वह थी इस “लुटियंस बबल” (लुटियंस दिल्ली के दायरे तक सिमटने) के बारे में.

विदेश मंत्री ने उनके साक्षात्कार के अनुभव को याद करते हुए कहा, “वो लोग सचमुच हैरान थे, उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि ये चुनाव परिणाम आए हैं, जबकि हम आम छात्र देख सकते थे कि आपातकाल के खिलाफ लहर थी.” उन्होंने कहा कि उस दिन से उन्होंने दबाव में भी संवाद करना तथा लोगों को नाराज किए बिना ऐसा करना सीख लिया.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आप लोगों को कैसे समझाते हैं, कैसे उन्हें मनाते हैं-यह एक बड़ी सीख थी. दूसरी अहम बात जो उस अनुभव से मिली, वह यह थी कि कई बार महत्वपूर्ण लोग एक तरह के ‘बबल’ (सिमटे दायरे) में रहते हैं और उन्हें यह एहसास ही नहीं होता कि देश में वास्तव में क्या हो रहा है.” उन्होंने कहा कि जो लोग जमीन पर काम कर रहे थे- जैसे कि उनके जैसे छात्र जो चुनाव अभियानों का हिस्सा थे और मुजफ्फरनगर जैसे इलाकों में गए थे-“हमें जमीन पर एक माहौल का अंदाजा हो गया था”, लेकिन दिल्ली में बैठे लोग, जिनके पास सभी तंत्र से सारी जानकारियां थीं, “किसी तरह वो उसे समझ नहीं पाए”.

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी पूछा कि सफल लोकतंत्र का आकलन करने का पैमाना क्या है, उन्होंने कहा कि इसका आकलन मतदान रिकॉर्ड या मतदान प्रतिशत से नहीं होता. जयशंकर ने ज्यादा विवरण दिये बगैर कहा, “मेरे लिए, एक सफल लोकतंत्र वह है जब पूरे समाज को अवसर मिले; तभी लोकतंत्र काम कर रहा है. उन्हें अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन यह कुछ लोगों का, पूरे समाज की ओर से… अपनी बात कहने का अधिकार नहीं है.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleआकाश दीप, अर्शदीप के कवर के तौर पर कम्बोज भारतीय टीम में, नीतिश का खेलना भी संदिग्ध
Next Article तेंदुलकर के साथ अपना नाम ट्रॉफी पर देखता हूं तो बहुत अजीब लगता है : जेम्स एंडरसन
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Country

वाराणसी में दीपावली पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रोशनी से सजाया गया

October 18, 2025
Country

असम मंत्रिपरिषद का विस्तार, बीपीएफ के विधायक चरण बोरो को शामिल किया गया

October 18, 2025
Country

हाथरस में फर्जी मुठभेड़ में गिरफ्तार दो युवक अंतिम रिपोर्ट लगने के बाद रिहा

October 18, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202546 Views

चपरासी से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के आरोप में एक प्रिंसिपल और प्रोफेसर निलंबित

April 8, 202543 Views
Our Picks

रोहित ने कहा टी20 विश्व कप में अर्शदीप और हार्दिक होंगे सफलता की कुंजी

January 28, 2026

आईसीसी टी20: सूर्यकुमार सातवें स्थान पर, अभिषेक शीर्ष पर कायम; ईशान, दुबे और रिंकू ने लगाई लंबी छलांग

January 28, 2026

फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने देश में टिकट खिड़की पर 250 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की

January 28, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.