अक्रा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर वैश्विक शासन व्यवस्था में विश्वसनीय एवं प्रभावी सुधारों पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि एक मजबूत भारत अधिक स्थिर और समृद्ध विश्व के निर्माण में योगदान देगा. घाना की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को आवाज दिए बिना प्रगति संभव नहीं है.
दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत विश्व का एक मजबूत स्तंभ है. एक मजबूत भारत अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया के निर्माण में योगदान देगा.” भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि स्थिर राजनीति और शासन की नींव पर भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी विश्व शासन व्यवस्था तेजी से बदल रही है. मोदी ने कहा, ”प्रौद्योगिकी में क्रांति, ‘ग्लोबल साउथ’ का उदय और बदलती जनसांख्यिकी इसकी गति और विस्तार में योगदान दे रहे हैं.” उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर वैश्विक शासन व्यवस्था में विश्वसनीय और प्रभावी सुधारों की आवश्यकता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने घाना में क्वामे नक्रूमा को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां घाना के पहले राष्ट्रपति डॉ. क्वामे नक्रूमा को क्वामे नक्रूमा मेमोरियल पार्क (केएनएमपी) में श्रद्धांजलि अर्पित की. नक्रूमा अफ्रीकी स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रतिष्ठित नेता थे. घाना की उपराष्ट्रपति प्रोफेसर नाना जेन ओपोकू-अग्येमांग के साथ मोदी ने पश्चिम अफ्रीकी देश के पहले प्रधानमंत्री और बाद में पहले राष्ट्रपति बने नक्रूमा की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की.
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”अक्रा में डॉ. क्वामे नक्रूमा को श्रद्धांजलि दी गई. वे एक दूरदर्शी राजनीतिज्ञ थे जिनके विचार और आदर्श कई लोगों का मार्गदर्शन करते हैं. उन्होंने घाना के लोगों की भलाई के लिए खुद को सर्मिपत कर दिया था.” प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता, एकता और सामाजिक न्याय के लिए नक्रूमा के योगदान को याद करते हुए उनके सम्मान में कुछ क्षण का मौन भी रखा.
बाद में, मोदी ने घाना की संसद को संबोधित करते हुए नक्रूमा का उल्लेख करते हुए कहा कि ”उनके शब्द हमारी साझा यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे” और ”उनका सपना एक लोकतांत्रिक गणराज्य का था, जो मजबूत संस्थाओं पर आधारित हो.”
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ”प्रधानमंत्री द्वारा नक्रूमा को दी गई श्रद्धांजलि घाना के समृद्ध इतिहास के प्रति भारत के गहरे सम्मान को दर्शाती है और दोनों देशों के बीच मजबूत मित्रता और सहयोग होने की पुष्टि करती है.” नक्रूमा अफ्रीकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, जिन्हें 1957 में घाना को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता दिलाने और अखिल अफ्रीकी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है. क्वामे नक्रूमा मेमोरियल पार्क, डॉ. क्वामे नक्रूमा और उनकी पत्नी फातिया नक्रूमा को सर्मिपत है, जहां उनके अवशेष रखे गए हैं.

