मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता
नौ हफ्तों की तेजी के बाद बाजार में बड़ा झटका-अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को नौ हफ्तों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया। नैस्डैक इंडेक्स में 1,121 अंकों की भारी गिरावट आई, जो हाल के वर्षों की बड़ी गिरावटों में से एक है। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स भी लाल निशान में बंद हुए। यह गिरावट किसी खराब आर्थिक आंकड़े की वजह से नहीं, बल्कि उम्मीद से बेहतर रोजगार रिपोर्ट के कारण आई, जिसने निवेशकों को महंगाई बढ़ने का डर दिया।

मजबूत जॉब्स डेटा ने क्यों बढ़ाई चिंता?-मई में 1.72 लाख नई नौकरियां जुड़ीं, जो उम्मीद से दोगुनी थीं। बेरोजगारी दर 4.3% पर स्थिर रही। यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाता है, लेकिन निवेशकों को डर है कि इससे महंगाई बढ़ेगी और फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इस आशंका ने मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया और बाजार दबाव में आ गया।

ब्याज दरों को लेकर नई आशंकाएं-मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें कम करने की उम्मीद कमजोर हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर महंगाई बढ़ी तो दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। इस डर ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और बाजार में बेचवाली बढ़ा दी है।

टेक्नोलॉजी और एआई शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट-हाल के महीनों में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर की कंपनियां तेजी की वजह थीं। लेकिन शुक्रवार को इन्हीं शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। एनवीडिया के शेयर 6% से ज्यादा गिर गए, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। कई बड़ी चिप निर्माता कंपनियों के बाजार मूल्य में खरबों डॉलर की कमी आई।

ट्रंप ने बाजार गिरावट पर जताई नाराजगी-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मजबूत रोजगार रिपोर्ट के बाद बाजार को ऊपर जाना चाहिए था, नीचे नहीं। उन्होंने आर्थिक विकास को सकारात्मक बताया और कहा कि मजबूत रोजगार का मतलब महंगाई जरूरी नहीं बढ़ती। हालांकि बाजार ने उनकी बात से सहमति नहीं जताई और जोखिम कम करने को प्राथमिकता दी।

निवेशकों का नजरिया क्यों बदला?-पहले अच्छी आर्थिक खबरों को बाजार के लिए सकारात्मक माना जाता था, लेकिन अब मजबूत आंकड़े निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। क्योंकि इससे फेडरल रिजर्व की नीति कड़ी होने की संभावना बढ़ती है। इसलिए बाजार अब हर रिपोर्ट को फेड की संभावित नीति के नजरिए से देख रहा है।

भारतीय बाजारों पर भी पड़ सकता है असर-अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी दिख सकता है। विदेशी निवेशक वैश्विक संकेतों के आधार पर रणनीति बनाते हैं। सोमवार को निफ्टी और सेंसेक्स की शुरुआत पर निवेशकों की नजर रहेगी। हालांकि आरबीआई की नीतियां, रुपये की चाल और कंपनियों के नतीजे भी दिशा तय करेंगे।

आगे निवेशक क्या देख रहे हैं?-निवेशक अब महंगाई आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की अगली बैठक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के संकेतकों पर नजर रखे हुए हैं। महंगाई नियंत्रण में रही तो बाजार को राहत मिलेगी, नहीं तो उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अब अच्छी खबरें भी बाजार के लिए हमेशा अच्छी नहीं रह गई हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।

 

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