मुंबई. अभिनेत्री मोना सिंह और अभिनेता कुणाल रॉय कपूर का कहना है कि उन्हें अपनी नई सीरीज़ “थोड़े दूर थोड़े पास” की विषयवस्तु से गहरा जुड़ाव महसूस हुआ जो यह बताती है कि प्रौद्योगिकी ने आपसी संबंधों को कैसे प्रभावित किया है. यह सीरीज मेहता परिवार की कहानी पर आधारित है, जिसके मुखिया पंकज कपूर अपने परिवार को छह महीने का ‘डिजिटल डिटॉक्स’ अपनाने की चुनौती देते हैं और इसके बदले उन्हें नकद इनाम की पेशकश करते हैं. ‘जी5’ की पांच भागों वाली इस सीरीज को शीर्षक एस. आनंद ने लिखा है और इसके निर्देशक अजय भुइयां हैं.
सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने वह सब देखा है (सोशल मीडिया से पहले का दौर और उसके बाद का दौर). यह 100 फीसदी पुरानी यादें ताजा करने वाला है. इस शो के लिए मैंने शुरू में ही हां कह दी थी.’’ सीरीज में सिंह के पति की भूमिका निभा रहे कुणाल रॉय कपूर ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह कहानी उनके अपने घर सहित हर घर के लिए प्रासंगिक है. अभिनेता ने कहा, “मेरे बच्चे हैं, इसलिए मैं जानता हूं कि उनके लिए अपने उपकरण छोड़ देना क्या मायने रखता है. मतलब, उनके लिए एक समय सीमा तय करनी पड़ती है, खासकर परीक्षा के दौरान, नहीं तो लोग लगातार अपने उपकरण पर लगे रहते हैं.”
उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी एक तरह से आपका सह अभिभावक बन जाती है और आपको यह तक पता नहीं होता कि वह अभिभावक उन्हें क्या बता रहा है. आपको यह नहीं पता कि दुनिया के किस हिस्से से कौन उन्हें क्या जानकारी दे रहा है, या कहीं वे कट्टरपंथ की ओर तो नहीं धकेले जा रहे. यह वाकई डराने वाली स्थिति है.” रॉय कपूर ने कहा कि यह सीरीज़ स्क्रीन से ब्रेक लेने की बात करती है.
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