मुंबई. शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा है कि उनका और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे का एक साथ आना जरूरी है, क्योंकि दोनों मराठी भाषा और लोगों के लिए लड़ रहे हैं. सामना के कार्यकारी संपादक और राज्यसभा सदस्य संजय राउत के साथ अपने साक्षात्कार के दूसरे और अंतिम भाग में (जो रविवार को शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र में प्रकाशित हुआ) राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस ने यह राय व्यक्त की है कि वह स्थानीय स्तर पर निर्णय लेगी.
उन्होंने कहा, ”अगर ऐसा है, तो ऐसा ही होगा.” विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और शरद पवार की राकांपा शामिल है. बृहन्मुंबई नगर निगम सहित विभिन्न स्थानीय और नगर निकायों के चुनाव इस वर्ष के अंत में होने की संभावना है.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह मराठी भाषा, महाराष्ट्र ‘धर्म’ और ‘मराठी मानुष’ (मराठी लोगों) के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके और राज के साथ आने से दिक्कत है, तो यह उनकी अपनी समस्या है.
स्थानीय निकाय चुनावों में एमवीए और गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”यह उनका (कांग्रेस का) मामला है. कांग्रेस के साथ चर्चा हुई थी और उनकी राय थी कि वे स्थानीय स्तर पर फैसला लेंगे. ठीक है. अगर ऐसा है, तो ऐसा ही होगा.” उद्धव ठाकरे ने कहा कि हर पार्टी की नगर निकाय स्तर पर अपनी इकाई होती है.
उन्होंने कहा, ”हम वही करेंगे, जिसे (एमवीए के) घटक दल अपने लिए राजनीतिक रूप से उचित समझेंगे.” उद्धव ठाकरे ने हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा संघ विचारक स्वर्गीय मोरोपंत पिंगले की 75 वर्ष की उम्र में पद छोड़ने संबंधी बयान का उल्लेख करने पर भी प्रतिक्रिया दी. उद्धव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह तय करना भाजपा का आंतरिक मामला है. मोदी सितंबर में 75 वर्ष के हो जाएंगे. उन्होंने कहा, ”हो सकता है कि उन्हें इसका जवाब मिल गया हो और शायद इसीलिए भागवत ने यह बात कही हो.”
फडणवीस और आदित्य ठाकरे के बीच कोई बैठक नहीं हुई : राउत
शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे के बीच एक होटल में हुई मुलाकात की खबरों को खारिज किया. राउत शनिवार शाम को बीकेसी स्थित होटल में फडणवीस और आदित्य की एक ही समय पर मौजूदगी के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. यह घटना शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की विधान भवन में फडणवीस से मुलाकात के कुछ दिनों बाद हुई है, जहां उद्धव ने हिंदी ”थोपे जाने” का विरोध करते हुए एक किताब सौंपी थी.
फडणवीस और आदित्य की मुलाकात संबंधी सवाल पर राउत ने कहा, ”अगर वे एक ही कमरे में हैं, तो आपको (मीडिया को) क्या दिक्कत है? एक मुख्यमंत्री है और दूसरा विपक्षी दल का नेता. लेकिन ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई.” पिछले हफ्ते फडणवीस द्वारा उद्धव पर सत्ता पक्ष में उनके लिए ”गुंजाइश” को लेकर की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी ने अटकलों को हवा दे दी थी. मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे के विदाई समारोह के दौरान कहा था, ”उद्धव जी, 2029 तक (सरकार में बदलाव की) कोई गुंजाइश नहीं है. हमारे पास दूसरे पक्ष (विपक्ष) में आने की गुंजाइश नहीं है. आपके पास यहां (सत्ता पक्ष) आने की गुंजाइश है और इस बारे में सोचा जा सकता है.”

