Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

तियानजिन में शी और पुतिन से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं: प्रधानमंत्री मोदी

August 29, 2025

भाजपा ने कर्नाटक सरकार से पूछा : ‘दशहरा का उद्घाटन बानू मुश्ताक से क्यों, दीपा से क्यों नहीं?’

August 29, 2025

गढ़चिरौली मुठभेड़ में मारे गए चार नक्सलियों पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम था

August 28, 2025
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Country»नौसेना में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट शामिल, ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने में सक्षम
Country

नौसेना में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट शामिल, ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने में सक्षम

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniAugust 26, 2025No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
नौसेना में दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट शामिल, ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने में सक्षम
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

विशाखापत्तनम. देश की समुद्री मारक क्षमताओं को बढ़ाते हुए भारतीय नौसेना ने मंगलवार को दो बहुउद्देशीय स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि को नौसेना में शामिल किया. इनमें से प्रत्येक पोत आठ ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस है और इन्हें स्वदेशी निर्माताओं द्वारा विकसित उन्नत हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित किया गया है.

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान में दो अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत बने स्टील्थ फ्रिगेट्स को शामिल किया गया. इनका जलावतरण ऐसा पहला अवसर है जब दो अलग-अलग शिपयार्ड में निर्मित अग्रिम पंक्ति के दो जंगी पोतों को एक साथ जलावतरण समारोह में शामिल किया गया. यह घटनाक्रम भारत के पूर्वी तट के बढ़ते समुद्री महत्व को रेखांकित करता है.

सिंह ने कहा, “इन युद्धपोतों के हथियार और सेंसर पैकेज इन्हें समुद्र का बेजोड़ रक्षक बनाते हैं. मुझे बताया गया है कि इन युद्धपोतों में कई उन्नत क्षमताएं भी शामिल हैं. लंबी दूरी तय करने में सक्षम इन दोनों युद्धपोतों में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलें, टॉरपीडो लॉन्चर, युद्ध प्रबंधन प्रणालियां और अग्नि नियंत्रण प्रणालियां जैसी उन्नत प्रणालियां हैं.” सिंह ने कहा कि नौसेना की भूमिका केवल समुद्र की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक सुरक्षा का भी एक प्रमुख स्तंभ है, क्योंकि तेल, प्राकृतिक गैस जैसी भारतीय ऊर्जा आवश्यकताएं काफी हद तक क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर करती हैं.

अमेरिका का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक देश के पास एफ-35 (पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान) हवा में उड़ रहा है, जबकि भारतीय नौसेना द्वारा निर्मित “एफ-35 युद्धपोत”, आईएनएस उदयगिरि, “मेड इन इंडिया” तकनीक से समुद्र में उड़ान भर रहा है. सिंह ने कहा कि भारत कभी भी आक्रामक विस्तारवाद में विश्वास नहीं करता है और पूरी दुनिया जानती है कि उसने कभी किसी देश पर पहले हमला नहीं किया. उन्होंने कहा, हालांकि, जब इसकी सुरक्षा पर हमला होता है, तो भारत जानता है कि कैसे जवाब देना है.

सिंह ने कहा, ”यहां की भू-रणनीतिक स्थिति ऐसी है कि ये हमारे आर्थिक विकास को भी सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखती है. हमारी ऊर्जा जरूरतें, तेल, प्राकृतिक गैस, सभी काफी हद तक इस क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर हैं. इसलिए, नौसेना की भूमिका केवल समुद्र की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा का भी एक प्रमुख स्तंभ है.” उन्होंने कहा कि ये आधुनिक पोत हैं और समुद्र में अत्यंत जटिल एवं जोखिम भरे अभियानों में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

दोनों फ्रिगेट भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा आंतरिक रूप से डिजाइन किए गए हैं, और विशेष रूप से, उदयगिरि युद्धपोत डिज.ाइन ब्यूरो द्वारा डिज.ाइन किया गया 100वां जहाज है, जो स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन के पांच दशकों में एक महत्­वपूर्ण उपलब्धि है. रक्षा अधिकारियों के मुताबिक उदयगिरि और हिमगिरि, परियोजना 17 (शिवालिक) श्रेणी के मध्यम आकार के अनुवर्ती पोत हैं, और दोनों जहाजों में डिजाइन, स्टील्थ (रडार की पहुंच से बच निकलने की क्षमता), हथियार और सेंसर प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जो गहन समुद्री परिस्थितियों में मिशनों की पूरी शृंखला को अंजाम देने में सक्षम हैं.

भारतीय नौसेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दो अत्याधुनिक लड़ाकू प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हो गए हैं, जिससे समुद्र में भारत की ताकत और मजबूत होगी….” उदयगिरि, प्रोजेक्ट 17ए का दूसरा जहाज है और इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा किया गया है. हिमगिरि, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित पहला पी17ए जहाज है. दोनों ही युद्धपोत पहले के डिजाइनों की तुलना में बेहद अत्याधुनिक हैं.

उदयगिरि को अपनी श्रेणी का सबसे तेज जहाज होने का गौरव भी प्राप्त है, जो भारतीय शिपयार्ड द्वारा अपनाई गई मॉड्यूलर निर्माण पद्धति का परिणाम है. करीब 6,700 टन वजनी पी17ए श्रेणी के फ्रिगेट अपने पूर्ववर्ती शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेट्स की तुलना में लगभग पांच प्रतिशत बड़े हैं. इनमें अधिक सुव्यवस्थित संरचना और कम रडार प्रतिबिंब (रडार क्रॉस सेक्शन) जैसी उन्नत विशेषताएं शामिल की गई हैं. इनमें भारतीय निर्माताओं द्वारा विकसित उन्नत हथियारों और सेंसरों को भी शामिल किया गया है.

इन पोत के हथियारों के समूह में सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 76 मिमी एमआर तोप और 30 मिमी और 12.7 मिमी ‘क्लोज-इन’ हथियार प्रणालियों का संयोजन शामिल है.
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले पर राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी. इस हमले में भारतीय पर्यटक मारे गए थे.

उन्होंने कहा, ”हमारे निर्दोष लोगों पर हमला हमारे लिए एक चुनौती थी, लेकिन भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिये इसका प्रभावी और सटीक जवाब दिया. भारत ने आतंकी ढांचे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया. रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं कहना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है, बस रुका हुआ है.”

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Article‘वैश्विक अयप्पा संगमम’ का लक्ष्य माकपा का ‘बहुसंख्यक सांप्रदायिकता तुष्टिकरण’ है: सतीशन
Next Article रेड्डी के बचाव में उतरे 18 पूर्व न्यायाधीशों के बयान की 56 पूर्व न्यायाधीशों ने निंदा की
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Country

तियानजिन में शी और पुतिन से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं: प्रधानमंत्री मोदी

August 29, 2025
Country

भाजपा ने कर्नाटक सरकार से पूछा : ‘दशहरा का उद्घाटन बानू मुश्ताक से क्यों, दीपा से क्यों नहीं?’

August 29, 2025
Country

गढ़चिरौली मुठभेड़ में मारे गए चार नक्सलियों पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम था

August 28, 2025
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

प्रधानमंत्री मोदी दो अगस्त को 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये की पीएम-किसान की 20वीं किस्त जारी करेंगे

July 30, 202530 Views

केनरा बैंक ने सभी बचत खातों में न्यूनतम शेष पर जुर्माने को किया खत्म

June 7, 202518 Views

वृंदा करात ने नन की गिरफ्तारी को ‘असंवैधानिक’ बताया

July 30, 202517 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

Most Popular

प्रधानमंत्री मोदी दो अगस्त को 9.7 करोड़ किसानों को 20,500 करोड़ रुपये की पीएम-किसान की 20वीं किस्त जारी करेंगे

July 30, 202530 Views

केनरा बैंक ने सभी बचत खातों में न्यूनतम शेष पर जुर्माने को किया खत्म

June 7, 202518 Views

वृंदा करात ने नन की गिरफ्तारी को ‘असंवैधानिक’ बताया

July 30, 202517 Views
Our Picks

तियानजिन में शी और पुतिन से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं: प्रधानमंत्री मोदी

August 29, 2025

भाजपा ने कर्नाटक सरकार से पूछा : ‘दशहरा का उद्घाटन बानू मुश्ताक से क्यों, दीपा से क्यों नहीं?’

August 29, 2025

गढ़चिरौली मुठभेड़ में मारे गए चार नक्सलियों पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम था

August 28, 2025
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2025 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.