🔴4 राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विकास, समन्वय और सुशासन के 50 बिंदुओं पर मंथन
रायपुर, 31 जनवरी 2026। नवा रायपुर में आज मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चारों राज्यों के सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित अंतर्राज्यीय विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय को लेकर करीब 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मध्य क्षेत्र के राज्यों से जुड़े प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों के समाधान पर जोर दिया गया। साथ ही, चारों राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने और आपसी समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर सहमति बनी। अधिकारियों को राज्यों की नवाचारपूर्ण योजनाओं और बेस्ट प्रैक्टिसेस से भी अवगत कराया गया।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की यह बैठक विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इसमें परिषद की मुख्य बैठक से पूर्व एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है। यहां लिए गए निर्णय एवं सिफारिशें आगामी परिषद बैठक में प्रस्तुत की जाएंगी। बैठक में अंतर्राज्यीय लंबित मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने और विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने की। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के माध्यम से मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने चारों राज्यों से बैठक में निकले निष्कर्षों के अनुरूप तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करने का आह्वान किया।

इन मंत्रालयों से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा
बैठक में केन्द्रीय पंचायती राज, कानून एवं न्याय, गृह, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास, ग्रामीण विकास, रेल, खान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, कोयला, नागरिक उड्डयन, पर्यावरण-वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल जीवन मिशन, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, वित्त सेवा, डाक, पशुपालन एवं डेयरी, वाणिज्य और मत्स्य पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

चारों राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेस की प्रस्तुति
बैठक में चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रैक्टिसेस का भी प्रस्तुतीकरण किया गया।
छत्तीसगढ़ ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख प्रणाली (दंतेवाड़ा मॉडल) और एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र को प्रमुख नवाचारों के रूप में प्रस्तुत किया।
मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास, नवीकरणीय ऊर्जा नीति-2025 और पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस की जानकारी दी।
उत्तराखंड ने किसान-से-आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम और जल स्रोत पुनर्जीवन पहल पर प्रकाश डाला।
उत्तरप्रदेश ने शहरी आवास सुधार, श्रम न्याय सेतु पोर्टल और सेवा मित्र जैसे नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को गति मिलेगी और साझा समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव होगा।

