भुवनेश्वर/गुवाहाटी. ओडिशा पुलिस ने आव्रजन अधिकारियों की मदद से एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया है जिस पर वर्ष 2018 से भारत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रहने और कटक शहर में व्यापार करने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद यूसुफ उर्फ याहा खान (54 वर्ष) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार मोहम्मद यूसुफ को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और वह अफगानिस्तान के काबुल निवासी मोहम्मद नसीम खान का पुत्र है. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपना नाम बदलकर याहा खान, पुत्र मोती खान रख लिया और कटक शहर के बड़ामबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित पेयेटन साही में रह रहा था.
भुवनेश्वर-कटक के पुलिस कमिश्नरेट ने कहा, “मोहम्मद यूसुफ को बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन विभाग के उपाधीक्षक समापिका पटनायक की लिखित शिकायत के आधार पर पकड़ा गया. एक मामला दर्ज करके जांच शुरू की गई. उसे गिरफ्तार करके अदालत ले जाया गया.” पुलिस के अनुसार, आरोपी 20 जून को दुबई से भुवनेश्वर पहुंचा था और आव्रजन जांच के दौरान उसने फर्जी भारतीय पासपोर्ट पेश किया. संदेह होने पर जांच की गई तो पता चला कि उसके खिलाफ कोलकाता हवाई अड्डे से ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया हुआ है.
जांच में पता चला कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचानपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट बनवाया था. पुलिस ने बताया कि उससे पूछताछ के आधार पर मिली जानकारी पर उसके पास और उसके घर से कई फर्जी भारतीय दस्तावेज और व्यक्तिगत सामान बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान उसके कब्जे से विभिन्न भारतीय और विदेशी मुद्राएं, जाली पहचान पत्र, एक मोबाइल फोन, दो सोने की बालियां और 30,000 रुपये नकद भी जब्त किए गए.
असम में अवैध रूप से रह रहे चार अफगानी गिरफ्तार, सरकारी दस्तावेज जब्त
असम के गुवाहाटी शहर में पिछले 10 सालों से अवैध रूप से रह रहे अफगानिस्तान के चार नागरिकों को रविवार को गिरफ्तार किया गया. एक अधिकारी ने बताया कि उनके पास से केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों सहित कई अन्य दस्तावेज. बरामद किए गए हैं.
अधिकारी ने कहा, ”विशिष्ट सूचना के आधार पर हमने गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके में एक घर पर छापा मारा और उन चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.” अफगानिस्तान के ये नागरिक 2015 से इस इलाके में रह रहे थे. अधिकारी ने बताया कि वे अवैध रूप से लोगों को ऊंची ब्याज दरों पर पैसे उधार देने के धंधे में शामिल थे और पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाते थे.
उन्होंने कहा, ”उनके पास से भारत सरकार और असम सरकार के दस्तावेजों सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं. हमें कुछ भरे हुए सरकारी फॉर्म और कागजात भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल सहायक दस्तावेजों के रूप में किया जा सकता है.” अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है.

