भुवनेश्वर. ओडिशा के बालासोर जिले में समुद्र में उतरने के बाद लापता हुए चार मछुआरों में से एक को पश्चिम बंगाल में दीघा तट के पास से बचा लिया गया. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन अन्य के लिए तलाशी अभियान जारी है. उन्होंने बताया कि ये मछुआरे जिले के बलियापाल ब्लॉक के एक परिवार से हैं जो शनिवार सुबह समुद्र में गए थे और वापस नहीं लौटे. पुलिस ने बताया कि लापता मछुआरों की पहचान गोपाल गिरि (60), उनके दो बेटों मधुसूदन (35) और रवींद्र (38) तथा मधुसूदन के बहनोई जगन्नाथ पाल (23) के रूप में हुई है.
पुलिस ने कहा, “जगन्नाथ को पश्चिम बंगाल में दीघा तट के पास से बचाया गया और उसे वहां के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.” उन्होंने कहा, “मछुआरे आमतौर पर उसी दिन दोपहर तक तट पर लौट आते हैं. लेकिन वे शाम तक घर नहीं लौटे. इसलिए, उनके परिवार के सदस्य घबरा गए और उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया. उन्हें बचाने के लिए ओडिशा पुलिस द्वारा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.” बालासोर के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने कहा, “हम मछुआरा समुदाय, समुद्री पुलिस और तट रक्षक के साथ समन्वय करके लापता मछुआरों का पता लगाने और उन्हें बचाने के अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं.”
उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान में अत्याधुनिक ड्रोन और समुद्री पुलिस की नौकाओं जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पुलिस ने बताया कि लापता मछुआरों का पता लगाने के लिए ड्रोन की मदद से हवाई निगरानी की जा रही है. मरीन थाने द्वारा सुबह से ही समुद्र में तलाशी अभियान जारी है. उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस के अनुरोध पर भारतीय तटरक्षक बल भी बचाव अभियान में शामिल हो गया है.

