भुवनेश्वर. ओडिशा प्रशासनिक सेवा (ओएएस) और ओडिशा राजस्व सेवा (ओआरएस) के अधिकारियों के ‘काम बंद’ आंदोलन के कारण पूरे ओडिशा में दो दिनों से सरकारी कामकाज के ठप पड़ जाने के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को आंदोलनरत अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील की.

राज्य सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन शुरू किया. असामाजिक तत्वों द्वारा भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू को कथित रूप से उनके कार्यालय से घसीटकर बाहर निकालने और मारपीट की घटना के एक दिन बाद यह प्रदर्शन शुरू हुआ. पुलिस के अनुसार इस घटना में भाजपा पार्षद जीवन राउत समेत अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की.
बैठक के बाद राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी.

पुजारी ने संवाददाताओं से कहा, ”इस घटना ने सभी को झकझोर दिया है…कोई भी इसका समर्थन नहीं कर रहा है और यह बेहद निंदनीय है. अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.” मंत्री ने कहा कि ओएएस एसोसिएशन पहले ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ बैठक कर चुका है.

उन्होंने कहा, ”अगर वे (अधिकारी) चाहते हैं तो हम आगे की चर्चा के लिए तैयार हैं. यह ‘काम बंद’ करने का उचित समय नहीं है. मैं उनसे अपने काम पर लौटने की अपील करता हूं.” हमले में कथित संलिप्तता के लिए भाजपा नेता जगन्नाथ प्रधान की गिरफ्तारी की ओएएस एसोसिएशन की मांग पर पुजारी ने कहा, ”पुलिस सभी कोण से घटना की जांच कर रही है. एक बार जब वे जांच पूरी कर लेंगे, तो पता चल जाएगा कि हमले के पीछे कौन था. बिना जांच के किसी को गिरफ्तार करना सही नहीं होगा. इसलिए, कानून को अपना काम करने दें.” ओएएस एसोसिएशन ने इस घटना को लेकर मंगलवार से ‘सामूहिक अवकाश’ का आ”ान किया था. लेकिन, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने इसे स्थगित कर दिया.

हालांकि, अधिकारियों के संगठन द्वारा ‘सामूहिक अवकाश’ आंदोलन को स्थगित करने के निर्णय के बावजूद, कटक, गंजाम, गजपति, कंधमाल, जगतसिंहपुर, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, संबलपुर, बोलांगीर, सोनपुर, रायगढ.ा, ढेंकनाल और मयूरभंज सहित अधिकतर जिलों में ओएएस और ओआरएस अधिकारी ‘सामूहिक अवकाश’ पर चले गए.

एक अधिकारी ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में क्षेत्रीय और जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण राज्य में सरकारी और सार्वजनिक सेवा कार्य लगभग ठप हो गए हैं. अधिकारियों ने षड्यंत्रकर्ता सहित शेष सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, जिन्होंने ओएएस अधिकारी पर हमला करने के लिए बदमाशों को भेजा था. इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए निगम कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो.

भुवनेश्वर नगर निगम की महापौर सुलोचना दास ने कहा, ”बीएमसी द्वारा नियुक्त सुरक्षा एजेंसी को प्राधिकरण के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. यदि जरूरत पड़ी तो हम कार्यालय की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सुरक्षा र्किमयों को तैनात करेंगे.” उन्होंने कहा कि बीएमसी कार्यालय में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं. भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त एस देव दत्त सिंह ने कहा, “घटना के तुरंत बाद हमने कार्रवाई की और पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

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