
बालासोर. भारत ने बुधवार को ओडिशा तट पर चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से स्वदेशी रूप से विकसित कम दूरी की लंबवत प्रक्षेपित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया. रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने वीएलएसआरएसएएम के परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
उन्होंने कहा कि इस परीक्षण के तहत एक भूमि-आधारित लंबवत प्रक्षेपक से दागी गई मिसाइल से बहुत ही कम दूरी और सीमित ऊंचाई पर स्थित उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और संबंधित उद्योग को बधाई दी. उन्होंने इस मिसाइल प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास में भारत की मजबूत डिजाइन और विकास क्षमताओं का प्रमाण बताया.
बालासोर में मिसाइल परीक्षण से पहले 32,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
बालासोर. ओडिशा में बालासोर जिले के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से संभावित मिसाइल परीक्षण से पहले आसपास के इलाकों में रहने वाले करीब 32,000 लोगों को बुधवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल परीक्षण से पहले आईटीआर के प्रक्षेपण केंद्र-3 के 2.5 किलोमीटर के दायरे में छह बस्तियों में रहने वाले लोगों को बुधवार तड़के पास के तीन आश्रय केंद्रों में पहुंचाया गया.
बालासोर जिला प्रशासन ने परीक्षण समाप्त होने तक इन केंद्रों पर उनके ठहरने के लिए व्यापक व्यवस्था की है. राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा उपाय के तौर पर ये कदम उठाए गए हैं. इस बीच, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने के बाद आईटीआर प्राधिकरण ने चेतावनी सायरन बजाया.

