नयी दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि उसे निशाना बनाकर किये जाने वाले किसी भी दुस्साहस के लिए पड़ोसी देश को ”कष्टकारी परिणाम” भुगतने होंगे तथा ”युद्ध भड़काने” और ”नफरती” बयानबाजी से दूर रहने की सलाह दी. पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर द्वारा भारत को परमाणु धमकी दिये जाने तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एवं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सहित कई पाकिस्तानी नेताओं के भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर नयी दिल्ली की यह कड़ी प्रतिक्रिया आई है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ”हमने पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से भारत के खिलाफ लगातार की जा रही लापरवाह, युद्धोन्मादी और घृणास्पद टिप्पणियों से जुड़ी खबरें देखी है.” उन्होंने कहा, ”अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार-बार भारत-विरोधी बयानबाजी करना पाकिस्तानी नेतृत्व का जगजाहिर तौर-तरीका है.” जायसवाल ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के परोक्ष संदर्भ में कहा, ”पाकिस्तान को आगाह किया जाता है कि वह अपनी बयानबाजी में संयम रखे, क्योंकि किसी भी दुस्साहस के कष्टकारी परिणाम होंगे, जैसा कि हाल ही में प्रर्दिशत किया गया है.” पिछले हफ्ते फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित करते हुए, मुनीर ने कथित तौर पर कहा था कि अगर भविष्य में भारत के साथ युद्ध में उनके देश को अस्तित्व का खतरा पैदा होता है, तो पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भारत और ”आधी दुनिया” को तबाह करने के लिए कर सकता है.
पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने यह भी धमकी दी थी कि अगर भारत के बांध पाकिस्तान की ओर जाने वाले जल प्रवाह में बाधा डालते हैं, तो इस्लामाबाद उन्हें नष्ट कर देगा. मुनीर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारत ने सोमवार को कहा था कि उनकी धमकी उस देश में परमाणु कमान और नियंत्रण से जुड़ी गंभीर शंकाओं को पुष्ट करती है, जहां सेना की आतंकवादी समूहों के साथ ”मिलीभगत” है. नयी दिल्ली ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह किसी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा. पाकिस्तान सरकार भी पिछले कुछ दिनों से भारत के खिलाफ अपनी आक्रामकता बढ.ा रही है.
इस हफ्ते की शुरुआत में इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम में शरीफ ने कहा था कि अगर भारत अपनी ओर नदियों के पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने की कोशिश करेगा तो वह उसे ”सबक” सिखाएंगे. जायसवाल ने इस सप्ताह हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा दोनों देशों की सीमा के आर-पार बहने वाली नदियों पर दिए गए फैसले को भी ख.ारिज कर दिया. इस फैसले में, मध्यस्थता न्यायालय ने कहा है कि भारत को सिंधु जल संधि के तहत पश्चिमी नदियों के जल को पाकिस्तान के अप्रतिबंधित उपयोग के लिए बहने देना चाहिए.
जायसवाल ने कहा, ”भारत ने तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या क्षमता को कभी स्वीकार नहीं किया है. इसलिए, इसके फैसले अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, कानूनी मान्यता से रहित हैं और भारत के जल उपयोग के अधिकारों पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता.” उन्होंने कहा, ”भारत तथाकथित ‘निर्णय’ के बारे में पाकिस्तान के चुनिंदा और भ्रामक संदर्भों को भी स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है.” प्रवक्ता ने भारत द्वारा 27 जून को जारी एक बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सिंधु जल संधि ”निलंबित” है. उन्होंने कहा, ”भारत सरकार के एक संप्रभु निर्णय के तहत सिंधु जल संधि निलंबित है, जो पहलगाम आतंकी हमले सहित सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को पाकिस्तान द्वारा लगातार प्रायोजित किये जाने के जवाब में लिया गया.”
उम्मीद है कि अमेरिका के साथ संबंध आगे बढ़ते रहेंगे: भारत
भारत ने बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई कि अमेरिका के साथ उसके संबंध परस्पर सम्मान और साझा हितों के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्रालय का यह बयान आया है.
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ”भारत और अमेरिका के बीच साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और दोनों देशों के नागरिकों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है.” उन्होंने कहा कि इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है. जायसवाल ने कहा, ”हमें उम्मीद है कि परस्पर सम्मान और साझा हितों के आधार पर संबंध आगे बढ़ते रहेंगे.” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से टैरिफ को लेकर तकरार के मद्देनजर भारत-अमेरिका संबंधों के भविष्य के बारे में पूछा गया था. उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध मजबूत बने हुए हैं.
जायसवाल ने कहा, ”भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी, जो बुनियादी रक्षा समझौतों पर आधारित है, द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.” उन्होंने कहा कि यह मजबूत सहयोग सभी क्षेत्रों में प्रगाढ़ हुआ है. जायसवाल ने कहा, ”हमें उम्मीद है कि अमेरिकी रक्षा नीति दल अगस्त के मध्य में दिल्ली में होगा. संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 21वां संस्करण भी इसी महीने के अंत में अलास्का में होने की उम्मीद है.” उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष महीने के अंत में ‘र्विकंग लेवल’ पर ‘टू प्लस टू’ अंतर-सत्रीय बैठक आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
चीन के साथ स्थल सीमा के रास्ते व्यापार को बहाल करने के लिए कर रहे हैं बातचीत : भारत
भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह चीन के साथ निर्दष्टि स्थल मार्गों के रास्ते व्यापार को बहाल करने के लिए पड़ोसी देश से बातचीत कर रहा है. दोनों देशों के साथ स्थल मार्ग से व्यापार 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य गतिरोध के मद्देनजर रोक दिया गया था.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ”हम सभी निर्दष्टि व्यापार बिंदुओं, अर्थात् उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा, हिमाचल प्रदेश में शिपकी ला दर्रा और सिक्किम में नाथू ला दर्रा के माध्यम से कारोबार को फिर से बहाल करने के लिए चीनी पक्ष के संपर्क में हैं.” माना जा रहा है कि भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं दोबारा जल्द शुरू करने के लिए बातचीत ‘ अंतिम चरण’ में है.
पिछले महीने भारत ने चीनी नागरिकों को पर्यटक वीजा जारी करने की प्रक्रिया पुन? शुरू करने की घोषणा की थी. पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ और उसी वर्ष जून में गलवान घाटी में हुई झड़पों के परिणामस्वरूप भारत और चीन के बीच संबंधों में गंभीर गतिरोध पैदा हो गया.