इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री सोहेल आफरीदी ने रावलंिपडी की अदियाला जेल के पास अपना 16 घंटे लंबा धरना शुक्रवार को समाप्त कर दिया। उन्होंने प्राधिकारियों द्वारा उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने से रोकने के खिलाफ यह धरना दिया था।
आफरीदी ने पिछले महीने अली अमीन गंडापुर की जगह मुख्यमंत्री का पद संभाला और घोषणा की थी कि उनकी पहली प्राथमिकता पूर्व क्रिकेटर और पूर्व प्रधानमंत्री 73 वर्षीय इमरान खान को जेल से बाहर निकालना है। खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं।
हालाकि, आफरीदी अपनी पूरी कोशिशों के बावजूद अब तक पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान से जेल में मुलाकात नहीं कर पाए।
बृहस्पतिवार को जब वह खान से मिलने पहुंचे, तो उन्हें अदियाला रोड पर जेल के पास रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने कई पीटीआई कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर ही ‘धरना’ शुरू कर दिया, जो करीब 16 घंटे जारी रहा। शुक्रवार तड़के धरना समाप्त करते समय आफरीदी ने अदियाला जेल के पास गोरखपुर जांच चौकी पर पत्रकारों से कहा कि वह और उनके साथ आए कार्यकर्ता पूरी रात वहीं बैठे रहे, लेकिन इमरान खान की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यहां अपने कार्यकर्ताओं के साथ पूरी रात बिताई-यह तो सिर्फ एक रात थी। अगर हमें पीटीआई संस्थापक के लिए पूरी ंिजदगी भी यहां बितानी पड़े, तो भी हम तैयार हैं।’’ आफरीदी ने कहा, ‘‘हमें अब तक पीटीआई संस्थापक की स्थिति के बारे में कुछ नहीं बताया गया है।’’
इमरान खान की सेहत बिगड़ने की अफवाहें भी फैल रही थीं, लेकिन अधिकारियों ने इन ंिचताओं को खारिज कर दिया। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने बृहस्पतिवार को संसद में बताया कि खान ठीक हैं और उन्हें ऐसी सुविधाएं मिल रही हैं जो किसी अन्य कैदी को नहीं मिलतीं, जैसे निजी खानसामा (शेफ) की सुविधा।
बहरहाल, आफरीदी ने कहा कि वह इमरान खान से मिलने और उनकी सेहत के बारे में जानकारी लेने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने विरोध और धरनों से पीछे नहीं हटेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने इमरान खान से मुलाकात के लिए ‘‘सभी संवैधानिक और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।’’ धरना खत्म करने के बाद आफरीदी इस्लामाबाद रवाना हो गए। उम्मीद है कि वह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इमरान खान से मिलने की अनुमति मांगेंगे और फिर लौटकर रावलंिपडी आ सकते हैं।

