
मॉस्को. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नौ मई को रूस की राजधानी मॉस्को में होने वाले ‘विक्ट्री डे’ समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है लेकिन भारत की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. रूस के राष्ट्रपति भवन ‘क्रेमलिन’ के एक शीर्ष सहयोगी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
रूस नौ मई को द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर विजय का जश्न मनाता है और इस वर्ष उसने 80वीं वर्षगांठ के समारोह में भाग लेने के लिए चुनिंदा मित्र देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है. इन नेताओं में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी शामिल हैं, जिन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है.
‘रशियन स्टेट टीवी’ ने क्रेमलिन के विदेश सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से कहा, ”प्रधानमंत्री को नौ मई के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन अभी तक हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.” क्रेमलिन में रूस-कतर शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उशाकोव ने कहा कि इस वर्ष ”नियमित शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने की हमारी बारी है” और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा के लिए चर्चा चल रही है.
अक्टूबर, 2000 में राष्ट्रपति पुतिन पहली बार नयी दिल्ली आए थे और उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ रणनीतिक साझेदारी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे. पिछले 25 वर्षों में यह साझेदारी नयी दिल्ली और मॉस्को के बीच एक “विशेष” साझेदारी के रूप में विकसित हुई है.

