राष्ट्रवाणी, 08 अप्रैल। एक प्रोफेसर दंपती के इकलौते बेटे ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक यश वर्धन सिंह ठाकुर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग का छात्र था।

मंगलवार रात करीब 8 बजे यश वर्धन लोधीपारा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पास अचेत अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों और उसके मित्रों ने तुरंत उसे अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सायनाइड का सेवन बताया जा रहा है।

यश वर्धन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन शाखा का द्वितीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता संतोष सिंह ठाकुर गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं, जबकि उसकी मां किरण सिंह ठाकुर शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं। वह दंपती का इकलौता संतान था।

मंगलवार शाम जब यश घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। मां से हुई अंतिम बातचीत में उन्होंने बेटे के व्यवहार में अवसाद के संकेत महसूस किए थे। इसके बाद परिजनों ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों और उसके दोस्तों की मदद से उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान सूचना मिली कि वह अचेत अवस्था में मिला है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है। माता-पिता सीधे अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली। इकलौते बेटे की अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से माता-पिता की तबीयत भी बिगड़ गई है।

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