
जम्मू. नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि सांप्रदायिक नफरत देश को कमजोर कर रही है और पश्चिम बंगाल में हाल की हिंसा देश में बढ़ते हिंदू-मुस्लिम विभाजन का प्रत्यक्ष परिणाम है. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट होने और एकता प्रर्दिशत करने का आग्रह किया और कहा कि “खतरा पाकिस्तान या चीन से नहीं बल्कि देश के अंदर उन लोगों से है जो धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं.” अब्दुल्ला जम्मू के निकट सीमावर्ती निर्वाचन क्षेत्र मढ़ में सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहन लाल कैथ के पार्टी में शामिल होने के स्वागत के लिए अपनी पार्टी द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे.
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद, पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में मढ़ सीट से हार का सामना करने वाले कैथ ने कहा कि उन्होंने अपने समर्थकों से परामर्श करने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया तथा जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प लिया.
भाजपा पर परोक्ष निशाना साधते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा “देश भर में फैले सांप्रदायिक विभाजन” का परिणाम है. अब्दुल्ला ने कहा, “मुस्लिम विरोधी बयानबाजी और समुदाय के घरों, मस्जिदों व स्कूलों पर बुलडोजर चलाने के मामले चरम पर पहुंच गए हैं. सरकार अपनी की वैधता साबित नहीं कर पाई और आखिरकार उच्चतम न्यायालय ने प्रतिबंध लगा दिया.”

