दुबई: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को ”धीरे-धीरे कम” करने पर विचार कर रहा है। हालांकि अमेरिका ने उस क्षेत्र में और युद्धपोत तथा मरीन सैनिक तैनात करने की घोषणा भी की है। ईरान ने भी दुनिया भर के पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी दी है।
अमेरिका के ये मिले-जुले संकेत ऐसे समय में आए हैं जब तेल की कीमतों में फिर उछाल से अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे प्रतिबंध हटाने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करना है। इस बीच, युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है।
इजराइल ने कहा कि शनिवार सुबह भी ईरान उसकी ओर मिसाइलें दागता रहा, जबकि सऊदी अरब ने बताया कि उसने देश के पूर्वी हिस्से में कुछ ही घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। लड़ाई में अब तक ईरान में 1,300 से अधिक, लेबनान में 1,000 से ज्यादा, इजराइल में 15 और इस क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। लेबनान और ईरान में लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
ईरान ने शनिवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी के लिए जनाजा निकाला, जिन्हें एक दिन पहले इजराइली हमले में मार दिया गया था। सरकारी मीडिया ने इस दौरान अंतिम प्रार्थना की तस्वीरें प्रसारित कीं। शनिवार सुबह इजराइल में सायरन बजे, जहां सेना ने कहा कि वह ईरान की ओर से हुए मिसाइल हमले का जवाब दे रही है।
इजराइली सेना ने बताया कि वह तेहरान में लक्ष्यों को निशाना बना रही है। इससे पहले उसने कहा था कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर भी हमले शुरू किए।


