Close Menu
Rashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
प्रमुख राष्ट्रवाणी

CG में ‘नक्शा घोटाला’ का महाविस्फोट: 60 फ्लैट की अनुमति, 90 फ्लैट का नक्शा पास;

March 15, 2026

वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक संकट से MSME उद्योगों पर असर

March 15, 2026

छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिस कर्मियों के समान वेतन

March 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
  • Terms
  • About Us – राष्ट्रवाणी | Rashtrawani
  • Contact
Facebook X (Twitter) Instagram
RashtrawaniRashtrawani
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
Subscribe
Rashtrawani
Home»Chhattisgarh»पुलिस के बारे में लोगों की धारणा बदलने के लिए पेशेवर दक्षता ब­ढ़ाएं: प्रधानमंत्री मोदी
Chhattisgarh

पुलिस के बारे में लोगों की धारणा बदलने के लिए पेशेवर दक्षता ब­ढ़ाएं: प्रधानमंत्री मोदी

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniNovember 30, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Reddit Telegram Email
पुलिस के बारे में लोगों की धारणा बदलने के लिए पेशेवर दक्षता ब­ढ़ाएं: प्रधानमंत्री मोदी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘विजन 2047’ के लिए ‘पुलिसिंग की दीर्घकालिक कार्ययोजना’ का अनावरण किया. इस मौके पर उन्होंने देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और तत्परता ब­ढ़ाने का आ”ान किया, ताकि लोगों के बीच पुलिस की छवि में सुधार हो सके और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य हासिल किए जा सकें.यहां पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने पुलिस प्रमुखों से आ”ान किया कि वे विकसित भारत बनने की राह पर अग्रसर विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी पुलिसिंग शैली में बदलाव लाएं. सम्मेलन का मुख्य विषय ‘विकसित भारत : सुरक्षा आयाम’ था.

प्रधानमंत्री ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में कहा कि पुलिस के बारे में जनता की धारणा को बदलने की तत्काल आवश्यकता है, खासकर युवाओं के बीच, और इसके लिए पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता तथा जवाबदेही को ब­ढ़ाया जाना चाहिए.
इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन सहित अन्य लोग शामिल हुए.

सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने सम्मेलन में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया, जबकि देशभर से विभिन्न रैंक के 700 से अधिक अधिकारी डिजिटल माध्यम से इसमें शामिल हुए.

मोदी ने शहरी पुलिसिंग को मजबूत करने, पर्यटक पुलिस इकाइयों को पुनर्जीवित करने और औपनिवेशिक युग के आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाली नव-अधिनियमित भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में सार्वजनिक जागरूकता ब­ढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया.

मोदी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए, जिनमें तटीय और आंतरिक सुरक्षा से निपटने में सामूहिक दृष्टिकोण, नयी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल, न्यायिक सुधारों के बारे में जागरूकता और मादक पदार्थों के दुरुपयोग का मुकाबला करने पर जोर दिया गया.
‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को “अत्यंत उत्पादक” बताया.

उन्होंने लिखा, “इस वर्ष का डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन अत्यंत उत्पादक रहा. हम सभी ने ‘विकसित भारत : सुरक्षा आयाम’ विषय के अनुरूप विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. जहां तक पुलिस बलों का संबंध है, पेशवर दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया.” सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अपने संबोधन के दौरान मोदी ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के महत्व पर जोर दिया, ताकि हाल ही में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त हुए क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके.

सरकार अगले साल मार्च के अंत तक भारत को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. पिछले कुछ हफ्तों में, वामपंथी उग्रवाद के कई शीर्ष नेता या तो मुठभेड़ में मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप को एकीकृत किया जाए. सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों पर गहन विचार-विमर्श हुआ.

बयान में कहा गया कि ‘विजन 2047’ के लिए पुलिसिंग की दीर्घकालिक कार्ययोजना, आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा ब­ढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर चर्चा हुई. तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान विदेश में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीति और प्रभावी जांच तथा अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई.

मोदी ने राज्य और केंद्र-शासित प्रदेशों के पुलिस बल से कहा कि वे सुनसान द्वीपों को जोड़ने के लिए नयी रणनीति अपनाएं, नेटग्रिड के तहत जुड़े आंकड़ों का ज्यादा असरदार इस्तेमाल करें और कार्रवाई लायक जानकारी जुटाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल करें.

प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फॉरेंसिक के उपयोग पर ‘केस स्टडी’ करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल आपराधिक न्याय प्रणाली को उल्लेखनीय रूप से मजबूत बना सकता है.

प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मजबूत तैयारी और समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बा­ढ़ और अन्य आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात ‘दित्वा’ का वर्तमान प्रभाव भी शामिल है, से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृ­ढ़ करने को कहा. मोदी ने सम्मेलन में आसूचना ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक वितरित किए.उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार भी प्रदान किए. यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया.

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous Articleफिल्मकार अदूर गोपालकृष्णन ने राष्ट्रीय पुरस्कारों की आलोचना की, कहा: ‘घटिया फिल्मों’ को दिया जा रहा है सम्मान
Next Article बेल्जियम ने भारत को 1-0 से हराकर अजलन शाह हॉकी का खिताब जीता
Team Rashtrawani
  • Website

Related Posts

Chhattisgarh

CG में ‘नक्शा घोटाला’ का महाविस्फोट: 60 फ्लैट की अनुमति, 90 फ्लैट का नक्शा पास;

March 15, 2026
Chhattisgarh

वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक संकट से MSME उद्योगों पर असर

March 15, 2026
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिस कर्मियों के समान वेतन

March 15, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Ads
Top Posts

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Stay In Touch
  • Facebook
  • WhatsApp
  • Twitter
  • Instagram
Latest Reviews
राष्ट्रवाणी

राष्ट्रवाणी के वैचारिक प्रकल्प है। यहां आपको राष्ट्र हित के ऐसे दृष्टिकोण पर आधारित समाचार, विचार और अभिमत प्राप्त होंगे, जो भारतीयता, हिंदुत्व और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुंबकम के शाश्वत चिंतन को पुष्ट करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

Most Popular

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की

April 30, 202547 Views

निर्मला सीतारमण ने जातिगत गणना का श्रेय लेने पर तमिलनाडु सरकार को घेरा

May 3, 202546 Views

सरकार ने गेहूं का एमएसपी 160 रुपये ब­ढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल किया

October 1, 202543 Views
Our Picks

CG में ‘नक्शा घोटाला’ का महाविस्फोट: 60 फ्लैट की अनुमति, 90 फ्लैट का नक्शा पास;

March 15, 2026

वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक संकट से MSME उद्योगों पर असर

March 15, 2026

छत्तीसगढ़: होमगार्ड के जवानों को मिलेगा पुलिस कर्मियों के समान वेतन

March 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • लाइफस्टाइल
© 2026 Rashtrawani

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.