देर अल-बला (गाजा पट्टी)/तेल अवीव,. गाजा पट्टी में इजराइल और अमेरिका सर्मिथत समूह द्वारा संचालित राहत सहायता वितरण केंद्र से लगभग एक किलोमीटर दूर इजराइली गोलीबारी में कम से कम पांच लोग मारे गए और कुछ अन्य घायल हुए हैं. फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रत्यक्षर्दिशयों ने यह जानकारी दी. इजराइली सेना ने कहा कि उसने अपने सैनिकों के नजदीक आने वाले लोगों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं.
गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस के नासिर अस्पताल में चार शव लाए गए. वहां मौजूद फलस्तीनी प्रत्यक्षर्दिशयों ने बताया कि इजराइली सेना ने उन पर एक गोल चक्कर पर गोलीबारी की थी जो पास के शहर राफा में गाजा ‘ूमेनिटेरियन फाउंडेशन द्वारा संचालित एक राहत सहायता केंद्र से करीब एक किलोमीटर दूर है.
इजराइली सेना ने कहा कि उसने उन लोगों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं जो संदिग्ध थे. इसने कहा कि वे उसकी सेना की ओर बढ़ रहे थे और पीछे हटने की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था. इस बीच, अल-अवदा अस्पताल ने एक बयान में कहा कि वहां 42 वर्षीय एक व्यक्ति का शव लाया गया. साथ ही, 29 घायलों को लाया गया, जो मध्य गाजा में एक अन्य राहत सहायता केंद्र के पास घायल हुए थे.
ग्रेटा थनबर्ग, अन्य कार्यकर्ताओं को गाजा ले जा रही नौका को रोकेंगे : इजराइल
इजराइल के रक्षा मंत्री ने पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ताओं को ले जा रही राहत सहायता नौका को गाजा पट्टी तक पहुंचने से रोकने की प्रतिबद्धता जताई. रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने रविवार को कहा कि इजराइल किसी को भी फलस्तीनी क्षेत्र पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की अनुमति नहीं देगा, जिसका उद्देश्य हमास को हथियार आयात करने से रोकना है. ग्रेटा थनबर्ग और 12 अन्य कार्यकर्ता मैडलीन नामक नौका पर सवार हैं. इस नौका का संचालन संचालन फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा किया जाता है.
यह नौका पिछले रविवार को सिसिली से गाजा की समुद्री नाकेबंदी तोड़ने और मानवीय सहायता पहुंचाने के मिशन के साथ रवाना हुई थी. इसका मकसद फलस्तीनी क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट के बारे में दुनिया को जागरूक करना भी है. कार्यकर्ताओं ने कहा था कि उनकी योजना रविवार को ही गाजा के जलक्षेत्र में पहुंचने की है. जहाज पर मौजूद अन्य लोगों में यूरोपीय संसद की फ्रांसीसी सदस्य एवं फलस्तीनी मूल की रीमा हसन भी शामिल हैं. फलस्तीनियों के प्रति इजराइल की नीतियों का विरोध करने के कारण उन्हें इजराइल में प्रवेश करने से रोक दिया गया है.
हमास पर दबाव बनाने के उद्देश्य से तीन महीने की पूर्ण नाकेबंदी के बाद, इजराइल ने पिछले महीने गाजा में कुछ बुनियादी मदद पहुंचाना शुरू किया, लेकिन मानवीय सहायता में लगे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी और युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो गाजा में भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है. पिछले महीने भी फ्रीडम फ्लोटिला की नौका ने समुद्र के रास्ते गाजा पहुंचने की असफल कोशिश की थी, हालांकि, माल्टा के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पर पहुंचने पर समूह की एक अन्य नौका पर दो ड्रोन की मदद से हमला किया गया, जिससे यह कोशिश नाकाम हो गई. समूह ने इस हमले के लिए इजराइल को दोषी ठहराया. इस हमले में नौका का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया.