रायपुर। छत्तीसगढ़ के इतिहास में 17 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा, जहां जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने सरेंडर किया. आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बंदूकों को छोड़कर अपने हाथों में देश के संविधान को थामा. इसे लेकर पूर्व CM भूपेश बघेल ने गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ की है. उन्होंने लिखा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में अमित शाह का सहयोग रहा है. वहीं मंत्री केदार कश्यप ने बघेल के बयान पर तंज कसते हुए तारीफ के लिए शुक्रिया कहा है.
सबसे बड़े नक्सली सरेंडर को लेकर पूर्व CM भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया अकांउट X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि- छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के कारण दशकों तक दंश झेला है. हमने बड़ी संख्या में जवानों, आदिवासियों और कांग्रेस पार्टी ने तो अपने शीर्ष नेतृत्व को खोया है. प्रदेश में डेढ़ दशक रही भाजपा की सरकार माओवाद के विरुद्ध लड़ाई को लेकर इच्छाशून्य रही थी, इसका बयान तो सुरक्षा सलाहकार केपीएस गिल साहब ने ही किया था.
भूपेश बघेल ने आगे लिखा कि- 2018 में हमारी सरकार आने के बाद पहली बार नक्सल उन्मूलन नीति बनाई गई, बड़ी संख्या में कैंप खोले गए, सड़कें बनी, स्कूल की घंटियाँ गूंजीं और हमने नक्सलियों की मांद में घुसकर उन्हें चुनौती दी. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इस लड़ाई में सहयोग रहा और हमने इसे देश की साझा चुनौती के तौर पर लिया. मुझे आज ख़ुशी है कि केंद्रीय गृहमंत्री जी के साथ प्रदेश सरकार पहले की तरह हमारी “विश्वास-विकास-सुरक्षा” की नीति को सूत्र बनाकर आगे बढ़ी है. आज बस्तर में नक्सलियों के बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण से हम सबको संतोष है कि देश की यह लड़ाई जल्द खात्मे की ओर बढ़ेगी. हम सब मिलकर जीतेंगे. सरकार और सुरक्षाबलों को बधाई.
केदार कश्यप ने कसा तंज
नक्सलियों में आत्मसमर्पण पर पूर्व CM भूपेश बघेल द्वारा गृहमंत्री अमित शाह और सरकार की तारीफ किए जाने पर मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसते कहा, तारीफ के लिए शुक्रिया…यह भी बता दें कि उनका व्यक्तिगत राय है या पार्टी का स्टैंड.

