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Home»International»शहरों की वजह से बढ़ रहा धरती का तापमान, जलवायु परिर्वतन से निपटने में और क्या कर सकते हैं
International

शहरों की वजह से बढ़ रहा धरती का तापमान, जलवायु परिर्वतन से निपटने में और क्या कर सकते हैं

Team RashtrawaniBy Team RashtrawaniJune 30, 2025No Comments4 Mins Read
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शहरों की वजह से बढ़ रहा धरती का तापमान, जलवायु परिर्वतन से निपटने में और क्या कर सकते हैं
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मेलबर्न: जलवायु परिवर्तन से निपटने में शहरों की केंद्रीय भूमिका होती है। वे 67 से 72 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कर रहे हैं जो पृथ्वी को गर्म कर रही हैं। साथ ही, शहरों में ‘ग्लोबल वार्मिंग’ (वैश्विम तापमान वृद्धि) का खतरा भी बढ़ रहा है। बाढ़, आग और सूखा स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर डालकर घरों और व्यवसायों की बीमा की लागत से लेकर सब कुछ प्रभावित कर रहे हैं।

यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आॅस्ट्रेलिया की बात करें तो वहां 90 प्रतिशत लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं। पूरी दुनिया में शहरों में चार अरब से अधिक लोग रहते हैं। हमारा नया अध्ययन शहरों के निर्माण और प्रबंधन में जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देने के लिए 16 प्राथमिकता वाली कार्रवाइयों को चिह्नित करता है।

*** स्मार्ट निर्माण:

हमारे शहरों को डिजाइन, उनका निर्माण और प्रबंधन करते समय जलवायु परिवर्तन एक प्रमुख विचार होना चाहिए। उत्पन्न होने वाले उत्सर्जन को कम से कम किया जाना चाहिए और अंतत? समाप्त किया जाना चाहिए।
हमें ऐसे स्थानों पर और ऐसे तरीकों से निर्माण करना चाहिए, जो जलवायु जोखिम को कम करें। लेकिन हमारे शहरों के निर्माण पर नियंत्रण वाली नीतियां इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाती हैं।

तीन स्थानीय सरकारी क्षेत्रों के एक हालिया अध्ययन में अनुकूलन और शमन पर केवल सीमित कार्रवाई होने का पता चला है। अन्य शोध में पाया गया है कि कुछ शहरी विकास नीतियों में कार्बन कटौती के लक्ष्य शामिल हैं जो अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करते हैं।

राष्ट्रीय आवास समझौते के तहत 2029 तक दस लाख से अधिक घर बनाए जाएंगे। इन नए घरों को जलवायु चुनौती का समाधान करना होगा।

*** प्राथमिकता कार्रवाई के लिए 16 क्षेत्र:

हमारे नए अध्ययन में शहरी नियोजन, वास्तुकला, लैंडस्केप वास्तुकला, शहरी डिजाइन, टिकाऊपन, निर्माण और संपत्ति में काम करने वाले 150 से अधिक हितधारकों के साक्षात्कारों से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जानकारी मिली।
उन्होंने जिन कार्यों की पहचान की, वे पर्यावरण के पूरे जीवन चक्र को कवर करते हैं।

जलवायु परिवर्तन के जोखिमों की पहचान नए विकास कार्यों की योजना बनाने के शुरूआती चरणों में की जानी चाहिए जो जोखिम की पहचान और कार्रवाई को आसान बनाने के लिए प्रभावी उपकरणों द्वारा सर्मिथत हो।
जब विशिष्ट परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा हो, तो जलवायु कार्रवाई को अनिवार्य बनाने वाली नीतियों द्वारा सर्मिथत, प्रारंभिक चरण के जलवायु आकलन को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।

डिजाइन चरण में, अनुशासनात्मक सीमाओं से परे कार्यबल के जलवायु ज्ञान और कौशल को बेहतर बनाने के लिए कदम महत्वपूर्ण हैं। कम प्रभाव वाले उत्पादों और सामग्रियों का चयन यह सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा कि डिजाइन जलवायु के प्रति अधिक उत्तरदायी है।

जलवायु कार्रवाई में सबसे अधिक बाधाएं लागत और अनुमोदन चरण के दौरान पाई गईं। प्रतिभागियों ने अत्यधिक प्रतिस्पर्धी निर्माण उद्योग के बारे में बात की। यदि पहले चरण में शुरू की गई जलवायु परिवर्तन पहलों को कानून द्वारा आवश्यक नहीं माना जाता है, तो उन्हें समाप्त किए जाने की संभावना है।

एक शहरी योजनाकार का कहना है, ‘‘जब तक निवेश पर रिटर्न के मामले में उनके लिए कुछ नहीं होगा, तब तक उन्हें ऐसा करने के लिए राजी करना मुश्किल होगा।’’ निर्माण चरण के दौरान, हानिकारक पर्यावरणीय प्रभाव वाले उत्पाद और सामग्री प्रतिस्थापन को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। नवाचार को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

*** निर्माण के बाद:

एक बार निर्माण पूरा हो जाने और इमारतों और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग होने के बाद, गहन मूल्यांकन प्रक्रिया में निवेश करना महत्वपूर्ण है। इमारतों को इष्टतम जलवायु परिणामों के लिए बनाए रखने के लिए भवन उपयोगकर्ताओं को शामिल किया जाना चाहिए। जब भवन नवीनीकरण की बात आती है, तो पुन: उपयोग और सामग्री के बार-बार इस्तेमाल की वकालत करना महत्वपूर्ण है। लेकिन इमारत को गिराने और नए सिरे से निर्माण करने की प्रथा को बदलना मुश्किल है।

*** एक साथ काम करना:

यह हमारे शहरी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव का समय है।
हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि निर्णय लेने के हर चरण में जलवायु कार्रवाई अंर्तिनहित हो। इसका मतलब मौजूदा निर्मित भंडार का अधिक कुशल उपयोग और पुन? उपयोग हो सकता है। इसके लिए मानसिकता में बदलाव की आवश्यकता होगी। शहरों में जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देने के लिए प्राथमिकता वाली कार्रवाइयों को कई स्तरों पर लागू किया जा सकता है।

*** व्यावसायिक अभ्यास:

यह सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाए कि परियोजनाओं में और कंपनी के फैसले लेने की प्रक्रिया में जलवायु कार्रवाई मुख्यधारा में रहे। सभी स्तरों पर सरकारें – शमन और अनुकूलन को अनिवार्य बनाने के लिए ‘नीति सेंिटग्स’ की समीक्षा करें। इन कार्यों पर ध्यान देकर हम सामूहिक रूप से अपने उत्सर्जन में कमी के लक्ष्यों को प्राप्त करने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर सकते हैं कि हमारे शहर जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को कम से कम करें।

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